प्रथम पूज्य गणपति आज से घरों में विराजमान हो रहे हैं। अगले दस दिन तक चलने वाले गणेश उत्सव के लिए भक्तों ने तैयारियां की हैं। घरों की सफाई, सजावट के साथ बप्पा के स्वागत में डीजे का इंतजाम भी किया गया है। लालबाग के राजा को गृहप्रवेश कराने के लिए भक्त उत्साहित हैं। यदि आपने अभी तक श्री गणेश जी स्थापना अपने घर में नहीं की है तो पहले जान लें कि दोपहर बाद क्या है शुभ मुहूर्त और क्या है पूजा की विधि। आगे देखें क्या है मूर्ति स्थापित करने का शुभ मुहूर्त:-
गणपति बप्पा के स्वागत को उत्साहित श्रद्धालु, ऐसे करें श्री गणेश जी की स्थापना, ये है शुभ मुहूर्त
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गणेश पूजा मूलत : महाराष्ट्र का प्रमुख पर्व है, लेकिन शहर में भी गणेश उत्सव मनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हर साल धूमधाम से भगवान गणेश का पूजन किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों, पंडालों में गणेश पूजा होने लगी है। घरों में गणपति स्थापना के प्रति लोगों की श्रद्धा भी बढ़ रही है।
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गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा को घर ले जाकर उनकी स्थापना करना विशेष माना जाता है। इसलिए हर भक्त इस दिन धूमधाम, गाजे-बाजे के साथ गुलाल खेलते हुए लंबोदर को घर लाता है। हर रूप और मुद्रा में बैठे गजानन की मूर्तियों को भक्तों ने पसंद किया।
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कैसे करें श्री गणेश जी की स्थापना
सर्वप्रथम गणेश जी के स्थापित करने के लिए एक सुंदर मंडप बनाकर चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं। उस पर श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। श्री गणेश जी के दोनों ओर जल भरा कलश रखकर उस पर नारियल स्थापित करें। गणेश जी की प्रिय पदार्थ लड्डुओं का भोग लगाएं। पुष्प, धूप, दीप नैवेद्य आदि से विधिवत भगवान श्री गणेश जी की पूजा करें। लाल पुष्प एवं लाल सिंदूर गणेश जी को अत्यंत प्रिय है। पूजा के समय इन वस्तुओं का प्रयोग अवश्य करें।
गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है। गणेश जी के ग्यारह नामों का उच्चारण करते हुए श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात उनकी आरती उतारें। विसर्जन तक प्रत्येक दिन दोनों समय गणेश जी की आरती करें एवं मोदक का भोग लगाएं। रात्री में गणेश जी के सामने संकीर्तन करें। ऐसा करने से गणेश जी की कृपा बनी रहेगी। गणेश भगवान को 21 लड्डू अर्पित करने चाहिए। इनमें पांच लड्डू गणपति बप्पा के पास रख देने चाहिए। शेष 16 लड्डुओं को प्रसाद रूप में बांट देना चाहिए।
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