गणेश चतुर्थी 2019: आज इन विशेष मुहूर्तों में करें मूर्ति स्थापना, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बेहद शुभ
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गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर आज (सोमवार) भक्तों के विघ्न हरने गणपति बप्पा विराजमान होंगे। बप्पा के स्वागत को द्रोणनगरी के मंदिरों को रंगबिरंगी लाइटों से सजाया गया है। विभिन्न संगठनों और समितियों की ओर से जगह-जगह आकर्षक पंडाल लगाए गए हैं।
गाजे-बाजे और विधि विधान से इनमें गजानन को विराजमान किया जाएगा। चतुर्थी पर गजानन कहीं दो, कहीं पांच तो कहीं दस दिन के लिए विराजेंगे। इस दौरान विभिन्न समितियां और संगठन कहीं पॉलीथिन उन्मूलन तो कहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। साथ ही इको फ्रेंडली गणपति की प्रतिमा भी स्थापित की जाएंगी।
दस दिन तक भजनों की रहेगी धूम
सिद्धपीठ श्री सनातन धर्म मंदिर प्रेमनगर में गणेश उत्सव की दस दिन तक धूम रहेगी। मंदिर समिति की ओर से बप्पा के स्वागत के लिए पंडाल सजकर तैयार हो गया है। प्रधान सुभाष माकिन ने बताया कि सोमवार को बैंड बाजों के साथ बप्पा स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा दस दिनों तक भजन संध्या होंगी। 12 सितंबर को विसर्जन होगा। मौके पर अवतार किशन कौल, रवि भाटिया, मनोज बहल, रिंकू भाटिया, कांता चावला, मोंटू भाटिया, नारायण, बाबी भाटिया, अनीता, सुभाष चावला आदि मौजूद रहे।
भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन घरों में गजानन की स्थापना की जाती है। गणपति से विघ्न हरण की प्रार्थना की जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार विशेष मुहूर्त में मूर्ति स्थापना करना बेहद शुभ होता है।
चौघड़िया अनुसार मूर्ति स्थापना का मुहूर्त
अमृत चौघड़िया - प्रात: 6:10 से 7:44 तक।
शुभ चौघड़िया - सुबह 9:18 से 10:53 तक।
लाभ चौघड़िया - दोपहर 3:35 से 5:09 तक।
अमृत चौघड़िया - शाम 5:09 से 6:53 तक।
रात्रि मुहूर्त - रात्रि 11:01 से 12:27 तक।
लग्नानुसार मूर्ति स्थापना का मुहूर्त
कन्या लग्न - सुबह 7:12 से 9:16 तक।
धनु लग्न - दोपहर 1:47 से 3:53 तक।
कुंभ लग्न - शाम 5:40 से 7:09 तक।
मेष लग्न - रात्रि 8:43 से 10:24 तक।
विशेष - अभिजीत योग दोपहर 12:01 से 12:55 तक।