मेरठ में कादिर मुठभेड़ कांड पर भाजपा नेता दो फाड़ हो गए हैं। शनिवार को एसएसपी और आईजी से भाजपा नेता अलग-अलग मिले। एक धड़े ने मुठभेड़ को गलत बताया तो दूसरा सही ठहराने पर अड़ा रहा। आईजी ने मुठभेड़ कांड की दूसरे जिले से जांच कराने की बात कही। वहीं, एसएसपी ने इंस्पेक्टर मेडिकल प्रशांत मिश्रा की वायरलेस सेट पर तारीफ कर मुठभेड़ पर मुहर लगा दी-
कादिर मुठभेड़: भाजपा दो फाड़, पुलिस के समर्थन में एक खेमा, एनकाउंटर पर मुहर और इंस्पेक्टर को इनाम
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यूनिवर्सिटी गेट पर परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के स्वागत से पहले छात्रों के दो गुटों में विवाद के बाद हुई फायरिंग में दो छात्रों को गोली लगी थी। इनमें हमलावरों में भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी के सदस्य कुंवर बासित अली के रिश्तेदार कादिर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था। बासित अली ने कादिर को सिविल लाइन थाने ले जाकर सौंप दिया था।
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बासित अली का दावा है कि कादिर निर्दोष है, इसलिए पुलिस उससे पूछताछ कर शंका का समाधान कर ले। थाने को सौंपने के दौरान एसपी सिटी से भी बात की गई थी। इस बीच कादिर पर बीस हजार का इनाम घोषित किया गया। पुलिस ने कादिर को गिरफ्तार दिखाकर उससे फायरिंग में प्रयुक्त पिस्टल बरामद करने के दौरान जागृति विहार एक्सटेंशन में भागने का प्रयास बताते हुए मुठभेड़ में गोली मार दी।
इस मुठभेड़ को तमाम भाजपा नेताओं के साथ दक्षिण विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर ने भी फर्जी करार दिया। बात शासन तक पहुंची तो वहां से इस मामले को लेकर हलचल रही। इस बीच शनिवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, बासित अली और परिवार के लोग आईजी आलोक सिंह से मिले। सभी ने मुठभेड़ पर सवाल उठाते पूरे मामले की किसी दूसरे जनपद के उच्च अधिकारी से जांच कराने के साथ एसएसपी, एसपी सिटी, इंस्पेक्टर मेडिकल और इंस्पेक्टर सिविल लाइन पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के समर्थन में दूसरा खेमा
इसी मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह और उनके पिता मुखिया गुर्जर एसएसपी से मिले। कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सही कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी में दो छात्रों को पुलिस के सामने गोली मारी गई थी। इसको देखते पुलिस को मजबूत कार्रवाई करनी चाहिए। मुठभेड़ ठीक हुई है। भाजपा सरकार में पीड़ितों को इंसाफ मिल रहा है। लेकिन इस घटना के बाकी फरार अभियुक्तों की भी शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए।
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एसएसपी बोले, दूसरों को भी बताओ
एसएसपी अजय साहनी ने वायरलेस पर कंट्रोल रूम को कहा कि इंस्पेक्टर मेडिकल प्रशांत मिश्रा के कार्यों की सराहना और अपराध पर अंकुश लगाने की बात जिले की पुलिस को भी बताओ। जिसके बाद कंट्रोल रूम से बोला गया कि मेडिकल इंस्पेक्टर ने अपराध पर बेहतर अंकुश लगाया। यह मैसेज पुलिस वालों को दिया गया।
सभी बिंदुओं पर होगी जांच
कादिर मुठभेड़ कांड को लेकर भाजपा नेता आए थे। छात्रों का एक गुट भी उनके ऑफिस आया था। सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच होगी। इस घटना की दूसरे जनपद से जांच कराई जाएगी। -आलोक सिंह, आईजी रेंज