रोजाना जाम से जूझने वाले शहर को पिछले पांच वर्षों से ट्रैफिक मास्टर प्लान का इंतजार है। इन दस सालों में यदि कोई प्लान बना भी होगा तो वह कागजों में ही बना होगा और हवा में ही लागू हुआ होगा क्योंकि शहर में ट्रैफिक बिना प्लान के ही दौड़ रहा है। आगे तस्वीरें देखकर आप भी कह उठेंगें इन्हें नहीं किसी की परवाह: -
निकलें जरा बचकर: यहां सड़कों पर दौड़ते हैं हादसों के जुगाड़, यकीं नहीं तो डालें तस्वीरों पर नजर
शहर की सड़कें अवैध कट के कारण जाम से घिरी रहती हैं। वहीं, सड़कों पर दौड़ते ये हादसों के जुगाड़ भी कम खतरनाक नहीं हैं। दिल्ली रोड, हापुड़ रोड से लेकर छोटी गलियों तक इस तरह के जुगाड़ नजर आते हैं। क्विंटल वजनी लोहे के सरिये, एंगल और गार्टर से लदे ये जुगाड़ फर्राटा भरते हैं।
हर दिन ये वाहन दिल्ली रोड समेत शहर की कई सड़कों पर धड़ल्ले से बेरोकटोक चलते नजर आ जाते हैं। इन्हें चलाने वालों के जेहन में न तो पुलिस का डर है और न ही सड़कों पर चलने वाले अन्य लोगों की चिंता। सड़कों पर दौड़ते इस खतरे को पुलिसकर्मी देखकर भी नजरअंदाज कर देते हैं।
इस शहर के लोग बेपरवाह से हो गए हैं। जाम में जब फंसते हैं तो खुद को छोड़कर बाकी सभी लोगों को इसका दोषी मानते हैं। जब जिसका जहां जी चाहा, वहीं अपना वाहन मोड़ दिया। कोई मतलब नहीं कि वाहन रांग साइड है या अवैध कट से निकल रहा है।
किसी को इसकी परवाह नहीं है कि उनके नियम तोड़ने के कारण जाम लग रहा है और लोग परेशान हो रहे हैं। हापुड़ रोड से लेकर दिल्ली रोड तक रॉन्ग साइड और अवैध कट से निकलने वाले वाहनों के कारण यही हाल है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस मौन खड़ी रहकर केवल तमाशा देखती रहती है। जाम लगता है तो लगे, उसकी बला से...।