मेरठ के मोदीपुरम में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ शातिर शकील करीब आठ साल पहले बाइक मिस्त्री की दुकान काम सीखता था। यहीं से शकील ने जरायम का पाठ पढ़ा और मोदीपुरम इलाके में नेटवर्क खड़ा कर लिया था। आखिरकार उसका दर्दनाक अंत हुआ। आगे पढ़े आखिर कैसे जरायम की दुनिया में शकील ने रखा था कदम:-
एनकाउंटर: बदमाशों की बाइक ठीक करते खुद बदमाश बन गया था शकील, ऐसी चुनी जरायम की दुनिया
शकील जिस मिस्त्री की दुकान पर बाइक ठीक करने के गुर सीख रहा था वहा कई बदमाश भी बाइक ठीक कराने आते थे। धीरे धीरे बाइक ठीक कराने आने कई बदमाशों से शकील की दोस्ती हो गई थी। भूरा भी करीब एक साल से शकील के संपर्क में था। कलेक्शन एजेंट से आठ जुलाई को हुई 9.90 लाख की लूट के बाद शकील सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ तो यहीं से उनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई थी।
पुलिस के अनुसार पल्हैडा निवासी शकील शातिर अपराधी था। बाइक मिस्त्री होने के साथ शकील लोगों को अपनी बातों में आसानी से फंसा लेता था। वहीं, लिसाड़ी गेट निवासी गुलफाम उर्फ भूरा ने रुड़की रोड स्थित डौरली में कबाड़ी की दुकान कर रखी थी। विगत करीब एक साल से वह शकील के संपर्क में था। भूरा और शकील पुलिस से बचकर घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंच रही थी।
पुलिस ने बताया कि शकील लूट चोरी की घटनाओं के साथ साथ मिस्त्री का काम भी करता था। करीब पांच साल पहले उस पर लूट का मुकदमा मवाना में दर्ज किया गया था। वहीं से उसके कदम ज्यादा बढ़े। कई ऐसे मामलों में भी वह शामिल था, जो रिकार्ड में नहीं थे। पल्लवपुरम में शकील ने नेटवर्क तैयार कर लिया था। जोकि लूट व डकैती की वारदात किया करता था।
फुटेज ने कराई पहचान
आठ जुलाई को रुड़की रोड पर सोफीपुर के पास कलेक्शन एजेंट अजित मलिक से 9.90 लाख की लूट हुई थी। पुलिस ने रुड़की रोड के सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो एक फुटेज हाथ लगी थी। जिसमें शकील का चेहरा साफ नजर आ रहा था। जांच में सामने आया कि शकील और भूरा गैंग ने लूट को अंजाम दिया था।