नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए बवाल में पुलिस ने 39 लोगों को नामजद किया है। इनमें से दस को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया गया है। बाकी उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इन बवालियों की चल व अचल संपत्ति को कुर्क कराकर क्षतिपूर्ति की कवायद शुरू कर दी गई है।
बिजनौर: यूपी पुलिस ने पहली बार माना आत्मरक्षा में चलाई गई गोली से मारा गया सुलेमान
जुमे की नमाज के बाद जिलेभर में बवालियों ने खूब उत्पात मचाया था। तमाम दुकान व वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की। पूरे जिले में 131 लोगों को दबोचा गया था। 24 मुकदमे दर्ज हुए थे।
रविवार को छह मुकदमे और दर्ज हुए हैं। इनमें चार बिजनौर, एक चांदपुर, एक नूरपुर में दर्ज हुआ है। चार उपद्रवी बिजनौर, नौ नजीबाबाद, दो चांदपुर में दबोचे गए हैं।
बिजनौर में मोहल्ला बुखारा निवासी सद्दाम, नई बस्ती निवासी महताब, मोहल्ला मिर्दगान निवासी राशिद व चांदपुर की चुंगी निवासी अजहर को पुलिस ने दबोचा है।
गांव स्वाहेड़ी निवासी गौरव कुमार, शक्तिनगर निवासी अंबुज गर्ग, सिविल लाइन में रंगोली पेंट के स्वामी संजीव कुमार अग्रवाल, पंचवटी कॉलोनी निवासी अभिषेक की ओर से 250 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने से बवालियों में खलबली मची हुई है।
पुलिस ने आत्मरक्षा में सुलेमान को मारी गोली
नहटौर में बवाल के दौरान उपद्रवियों में शामिल युवक पहले से ही तैयारी से आए थे। इसलिए वह असलहे भी छिपाकर लाए थे। इस दौरान उपद्रवी पुलिस पर गोली चलाते हुए जरा भी नहीं हिचकिचाए। इसी दौरान सुलेमान ने स्वाट टीम के सिपाही मोहित पर गोली चला दी।
इसके बाद सिपाही मोहित ने सुलेमान पर आत्मरक्षा में गोली चलाई। जिसमें वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। सुलेमान के शरीर से 9 एमएम की गोली मिली है।
उपद्रवियों ने ली अनस की जान
नहटौर में उपद्रव करने वाली भीड़ ने ऐसे लोगों को भी नहीं बख्शा, जो अमन चाहते थे और भीड़ को समझा रहे थे। इन्हीं से अनस और कफील ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों ने उन्हें भी गोली मार दी।
इसमें अनस की मौत हो गई, जबकि कफील गंभीर घायल हो गया। खास यह है कि उपद्रवियों की भीड़ में शामिल युवक अपने साथ अवैध असलहे लाए थे, जिनका इस्तेमाल माहौल बिगाड़ने को किया गया था। अनस को 32 बोर की गोली लगी है।