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मुस्लिम परिवार ने मेरठ में पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, शिव मंदिर के नाम किया जमीन का वसीयतनामा
Mon, 16 Nov 2020 07:10 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 16 Nov 2020 07:10 PM IST
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काशिफ अली को शाॅल पहनाते समीति सदस्य
- फोटो : amar ujala
मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र निवासी एक मुस्लिम परिवार ने दिवाली के मौके पर नेक कार्य कर सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की है। परिवार ने पूर्वजों द्वारा दी गई जमीन का वसीयतनामा शिव मंदिर समीति को सौंपा है। साथ ही मंदिर की देखरेख को लेकर चल रहे विवाद को भी विराम दिया है। मुस्लिम परिवार के इस फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है।
काशिफ अली
- फोटो : kasif ali, meerut news
मेरठ के लिसाड़ीगेट क्षेत्र के शकूरनगर निवासी एक काशिफ अली के परिवार ने पूर्वजों द्वारा किए गए नेक कार्य को अमलीजामा पहनाया तो उसकी जमकर सराहना हुई। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंद्रानगर नन्दी चौक पर मुस्लिम परिवार ने पूर्वजों द्वारा दी गई जमीन का वसीयतनामा शिव मंदिर समिति को सौंपा। जिसके चलते सांप्रदायिक सौहार्द के साथ सालों से मंदिर की देखरेख को चल रहे सालों के विवाद पर भी विराम लग गया।
काशिफ अली को मिठाई खिलाते समीति सदस्य
- फोटो : amar ujala
शकूरनगर निवासी काशिफ अली बॉलीवुड एक्टर हैं, लॉकडाउन के दौरान खुलेआम बाजार खोले जाने की वीडियो जारी करने पर वह चर्चा में आए थे। काशिफ अली के मरहूम दादा कासिम अली ने 44 वर्ष पूर्व सन 1976 में पुस्तैनी जमीन में से 200 गज जमीन देने की मौखिक घोषणा की थी। जिसमें मंदिर का निर्माण भी ही गया था।
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मिठाई खिलाते समीति सदस्य
- फोटो : amar ujala
पिछले कई सालों से शिव मंदिर की देखरेख करने को लेकर दो गुट अपना अपना हक जता रहे थे। जिसमें स्थानीय लोगों को इससे आपत्ति थी। एक गुट में एक पार्षद भी जबरदस्ती हस्तक्षेप करने का दबाव बना रही थी। जिसको लेकर समिति बनने को लेकर जमीन के मालिक का वसीयतनामा और शपथ पत्र दाखिल होना था।
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काशिफ अली मध्य में
- फोटो : amar ujala
मामला जमीन दान करने वाले मरहूम कासिम अली के परिवार के पास पहुंचा तो उन्होंने मंदिर की देखरेख करने वाली दूसरी समिति को उचित मानते हुए दिवाली के दिन जमीन का वसीयतनामा सौंप दिया। जिससे मंदिर जैसी पवित्र स्थान को लेकर चले आ रहा विवाद भी खत्म हो गया।