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बिकरू कांड: बाइक से घूमे थे दहशतगर्द, पुलिस खाक छानती रही, एसटीएफ के खुलासे से खाकी पर खड़े हुए सवाल

Wed, 03 Mar 2021 11:29 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 03 Mar 2021 11:29 AM IST
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Vikas Dubey Case News: Big disclosure of STF
बिकरू कांड में एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा - फोटो : अमर उजाला
बिकरू में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद विकास दुबे और उसके साथी बेखौफ होकर घूमते रहे। रसूलाबाद से झींझक के करियाझाला गांव तक विकास दुबे, अमर दुबे और प्रभात मिश्रा बाइक से पहुंचे थे। ये खुलासा एसटीएफ ने सोमवार को किया। हैरानी की बात ये है कि वारदात के बाद से दूसरे दिन शाम तक आरोपी सड़कों पर घूम रहे थे और पुलिस खाक छानती रही थी। इससे देहात और नगर पुलिस की बड़ी नाकामी साबित होती है।
Vikas Dubey Case News: Big disclosure of STF
विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
वरना 24 घंटे के भीतर ही आरोपी दबोचे जाते। एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि तीन जुलाई की तड़के विकास, अमर और प्रभात विष्णु के जीजा रामजी के घर रसूलाबाद पहुंचे। यहां बने तहखाने में रुके। तीन जुलाई की दोपहर 12 से एक के बीच रामजी बाइक से अमर दुबे को लेकर झींझक करियाझाला गांव में संजय परिहार के पास पहुंचा।
Vikas Dubey Case News: Big disclosure of STF
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
रामजी व अभिनव अलग-अलग बाइक से रसूलाबाद आए और दूसरी बार में उसी शाम करीब छह बजे विकास व प्रभात को बाइक से करियाझाला ले गए। यहां से कुछ देर बाद ये सभी मंगलपुर, कानपुर देहात शुभम के घर गए और दो दिन रुके। उसके बाद कार से औरैया और फरीदाबाद पहुंचे। यह तब हुआ जब नगर और देहात में नाकेबंदी थी। पुलिस चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान चलाए थी।
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Vikas Dubey Case News: Big disclosure of STF
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
तीन गमछा व पानी मंगवाया था 
एसटीएफ सीओ तेज बहादुर सिंह ने बताया कि प्रभात मिश्रा ने फोन कर अपने बचपन के दोस्त विष्णु कश्यप को बुलाया था। एसटीएफ ने ये खुलासा नहीं किया है कि किसके फोन से उसने विष्णु को कॉल की थी। प्रभात ने विष्णु से कहा था कि वो तीन गमछे और पानी लेकर आए। विष्णु दोनों चीजें लेकर पहुंचा। प्रभात, अमर और विकास ने सिर पर गमछे बांधे। पानी पिया और फिर कार में बैठकर चले गए।
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Vikas Dubey Case News: Big disclosure of STF
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : amar ujala
न्यूज चैनल देख खुश होते थे
एसटीएफ के मुताबिक पांच तारीख की शाम को ये सभी फरीदाबाद के लिए रवाना हुए। इसके पहले यहां पर ये लगातार मोबाइल पर न्यूूज चैनल देखते थे। अखबार भी पढ़ते थे। पुलिस की नाकामी की खबर सुनकर सभी खुश होते थे। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के मारे जाने की खबर से सबसे ज्यादा विकास खुश हुआ था।
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