फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

PHOTOS वे बड़े स्थान जहां मां सीता ने वनवास के दौरान किया प्रवास

Mon, 01 Jan 2018 05:10 PM IST
शिखा पांडेय, कानपुर
शिखा पांडेय, कानपुर Updated Mon, 01 Jan 2018 05:10 PM IST
सार

Birth place of Love-Kush
Mother Sita's Kitchen
Love-Kush made Hanumanji hostage here

विज्ञापन
these big secreats about Lord Ram and Sita during exile
डेमो पिक
भारतीय संस्कृति में प्रभु श्रीराम और माता जानकी आदर्श दंपति माने गए हैं। आज विवाह पंचमी पर्व, श्रीराम-सीता विवाह के अवसर पर जानिए उन स्थानों के बारे में जहां माता सीता वनवास के दौरान रहीं और कानपुर को धर्म स्थल बना दिया।

 
these big secreats about Lord Ram and Sita during exile
डेमो पिक
लव-कुश का जन्म कहां हुआ, सीता माता पाताल में कैसे और कहां समाईं इसका रहस्य बरकरार है। लेकिन यूपी के कानपुर शहर में एक स्थान ऐसा है जो इन सवालों के जवाब ही नहीं सबूत भी दे रहा है।


बिठूर स्थित महर्षि बाल्मीकि आश्रम को लव-कुश की जन्म स्थली माना जाता है। हजारों की संख्या में भक्त प्रतिदिन यहां दर्शन को आते हैं।


बाल्मीकि आश्रम के अस्तित्व आज भी यहां विराजमान हैं। यहां मां सीता का एक  मंदिर भी है। जहां मां की प्रतिमा अपने पुत्र लव और कुश के साथ है। लव-कुश ने इसी स्थान पर बाल्मीकि से शिक्षा प्राप्त की। 

 
these big secreats about Lord Ram and Sita during exile
डेमो पिक
बिठूर स्थित महर्षि बाल्मीकि आश्रम में ही एक ओर मां सीता की रसोई भी बनी हुई है। यहीं पर माता सीता भोजन बनाती थीं। उस समय उपयोग किए गए बर्तन भी सीता रसोई में मौजूद हैं।

अभी तक भक्तों को सीता रसोई के अंदर जाने की अनुमति थी लेकिन भक्तों की बढ़ती भीड़ के कारण रसोई में एक दरवाजा लगा दिया गया है। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
these big secreats about Lord Ram and Sita during exile
डेमो पिक
वाल्मीकि रामायण में उल्लेख है कि अश्वमेघ यज्ञ के दौरान जब घोड़ा बिठूर पहुंचा तो लव-कुश ने उसे बंधक बना लिया था। राम भक्त हनुमान बिठूर में घोड़ा छुड़ाने आए थे।

यहां लव-कुश से युद्ध में हनुमान परास्त हो गए और उन्हें यहीं पर बंधक बना लिया गया था। यहां आज भी वह स्थान बना हुआ है जहां हनुमान जी को लव-कुश ने बंधक बनाया था। 

 
विज्ञापन
these big secreats about Lord Ram and Sita during exile
डेमो पिक
मान्यता है कि बिठूर में ही माता सीता पाताल में समाईं थीं। युद्ध में हनुमान जी व लक्ष्मण को परास्त करने के बाद लव-कुश ने उन्हें वहीं पर बंधक बना लिया था।

इसके बाद भगवान राम स्वयं युद्ध के लिए यहां पहुंचे थे। तब भगवान राम को पता चला कि जिन लव-कुश से वे युद्ध कर रहेें हैं वे उनके पुत्र हैं।

यहां प्रभु राम की मुलाकात माता सीता से हुई। जब राम ने माता सीता को स्पर्श करने की कोशिश की तो वे धरती में समा गईं। भक्त इस पाताल की भक्ति भाव से पूजा करते हैं। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed