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फेरी लगाकर पिता बेचते थे पान मसाला, बेटाें ने खड़ी की कराेड़ाें की कंपनी, आज है ये हालत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 08 Dec 2018 08:54 AM IST
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रोटोमैक और पान पराग ग्रुप के मालिक विक्रम काेठारी की सस्सेस और फेलियर दोनों कहानियां सीख देती हैं। देश-दुनिया में कोठारी परिवार की पहचान पान मसाले के ब्रांड पान पराग से बनी।
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मनसुख भाई कोठारी ने बेटों दीपक कोठारी और विक्रम कोठारी के साथ वर्ष-1975 में पुड़िया वाला पान मसाला बनाकर बेचना शुरू किया। छोटी पुड़िया में पान मसाला लोगों को बहुत पसंद आया।
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देखते ही देखते पान पराग के साथ कानपुर पान मसाला कारोबार का केंद्र बन गया। यहां एक के बाद एक पान मसाला के ब्रांड खड़े हो गए।
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मनसुख भाई कोठारी नील वाली गली में किराये के घर में रहते थे। वह फेरी लगाकर नारियल तेल, बिस्कुट और बीड़ी बेचते थे। 70 के दशक में मनसुख भाई ने घर पर पान मसाला बनाकर बेचना शुरू किया।
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दोनों बेटों ने उनके फेरी के काम को पान मसाला इंडस्ट्री में बदल दिया। कोठारी परिवार कानपुर ही नहीं, देश और दुनिया में देश का पहला पान मसाला बनाने के लिए मशहूर हुआ।