प्रियंका गांधी ने बुधवार को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर चित्रकूट के 'वृक्ष पुरुष' के जज्बे को सलाम किया। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि- चित्रकूट में सूखी, ऊबड़-खाबड़ जमीन पर 40,000 वृक्षों का जंगल खड़ा करने वाले ‘वृक्ष पुरुष’ भैयाराम यादव ने ये साबित कर दिया कि जीवन में कुछ भी असम्भव नहीं है। उम्मीद है आपकी संतानों की प्यास बुझाने के लिए एक हैंडपंप जल्दी लगेगा।
चित्रकूट में सूखी, ऊबड़-खाबड़ जमीन पर 40,000 वृक्षों का जंगल खड़ा करने वाले ‘वृक्ष पुरुष’ भैयाराम यादव ने ये साबित कर दिया कि जीवन में कुछ भी असम्भव नहीं है।
उम्मीद है आपकी संतानों की प्यास बुझाने के लिए एक हैंडपम्प जल्दी लगेगा।https://t.co/sq5auRUnpW
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 24, 2019
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भैयाराम यादव
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब हो कि चित्रकूट में भरतकूप के भारतपुर गांव में रहने वाले 55 साल के बाबा भैयाराम यादव को लोग वृक्ष पुरुष कहकर बुलाते हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि 14 साल पहले लोग इन्हें पागल कहा करते थे। वर्ष 2001 में भैयाराम की पत्नी ने बच्चे को जन्म देते समय दम तोड़ दिया था।
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भैयाराम यादव
- फोटो : अमर उजाला
इसके सात साल बाद इलाज के अभाव में उनके बेटे की भी मौत हो गई। पत्नी और पुत्र वियोग में बाबा भैयाराम वर्ष 2007 में चित्रकूट में भटक रहे थे, तभी उन्होंने वन विभाग का स्लोगन ‘एक वृक्ष 100 पुत्र समान’ पढ़ा। बाबा उसी वक्त अपने गांव लौट गए।
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भैयाराम यादव
- फोटो : अमर उजाला
गांव के बाहर जंगल में जाकर झोपड़ी बनाई और जंगल में ही रम गए। गांव से 3 किलोमीटर दूर जंगल में पानी ले जाकर वृक्षों को सींचने और उनकी सुरक्षा में जुट गए। लोगों को लगा कि भैयाराम पागल हो चुके हैं, लेकिन जब नन्हें पौधे वृक्ष की शक्ल में बदलने लगे तो लोगों ने बाबा का सहयोग करना शुरू कर दिया।
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भैयाराम यादव
- फोटो : अमर उजाला
बाबा कहते हैं, 'शुरू में मैंने 40 वृक्ष रोपे। धीरे-धीरे यह संख्या 40 हजार के आसपास पहुंच गई। मन में ठान लिया था कि विधाता ने मुझसे मेरा एक पुत्र छीना है, मैं लाखों पुत्रों (वृक्षों) का पिता बनूंगा।' बाबा की तपस्या से आज भरतपुर वन क्षेत्र के 50 हेक्टेयर जमीन में हरियाली दिखाई दे रही है।