औरैया जिले में बिधूना कोतवाली क्षेत्र के भारत अड्डा में घर के बाहर सो रहे किसान की ईंट से कई वार कर हत्या कर दी गई। सुबह दुकान पर सामान लेने पहुंचे ग्रामीण ने चारपाई पर खून से लतपथ शव देखकर प्रधान और पुलिस को जानकारी दी। हत्या की सूचना पर पहुंचीं एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
बेटी ने जमीन के विवाद में चली आ रही पारिवारिक रंजिश में हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। शनिवार सुबह बिधूना के भारत अड्डा में मकान बनाकर रहे रहे कुदरकोट थाना क्षेत्र के मुर्रा निवासी संतोष यादव (55) पुत्र बारे लाल का चारपाई पर खून से लहूलुहान शव पड़ा मिला।
उसके चेहरे पर ईंट के वार के कई निशान थे, जिससे चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। पुलिस को पास में ही खून से सने ईंट के टुकड़े पड़े मिले। घटना की जानकारी पर पहुंचीं एसपी चारु निगम, एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने पुलिस टीम संग घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक के कमरे व उसकी परचून की दुकान में भी जांच की।
2 of 8
auraiya murder case
- फोटो : अमर उजाला
मृतक की बेटी पूजा ने बताया कि 20 वर्ष पहले गांव मुर्रा में जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद हुआ था। तबसे पिता गांव छोड़कर आ गए थे और वन विभाग की जमीन पर मकान बनाकर रहना शुरू किया था। दूसरी बेटी रेखा व पुत्र पुष्पेंद्र ने रंजिश में पिता की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
3 of 8
auraiya murder case
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर बाद कानपुर से पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी जांच की। पुलिस ने तीन लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी चारु निगम ने बताया कि संतोष रात में घर के बाहर चारपाई पर मच्छरदानी लगाकर सो रहा था। सुबह साढ़े छह बजे गांव का एक व्यक्ति उसकी दुकान में सामान लेने पहुंचा।
4 of 8
auraiya murder case
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद घटना की जानकारी हुई। बेटी पूजा की तहरीर के आधार पर मृतक के चचेरे भाई सुनील कुमार, विक्रम व उसके पुत्र रवि, घुन्ना निवासी मुर्रा, छुन्ना निवासी खिदरपुर बिधूना के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
5 of 8
auraiya murder case
- फोटो : अमर उजाला
इन पहलुओं पर पुलिस कर रही जांच
बिंदु-1
वर्ष 2003 में मुर्रा गांव में जमीन को लेकर हुए विवाद में मृतक संतोष ने चचेरे भाई सुनील व उसकी मां (ताईजी) के ऊपर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। इसी बीच गांव व परिवार के लोगों का दबाव बनता देख संतोष गांव छोड़कर भारत अड्डा में आकर रहने लगे। इसके बाद समझौता हो गया।