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देखना चाहते हैं '1857 की क्रांति' का सच ताे अापकाे यहां अाना हाेगा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 16 Dec 2017 09:05 AM IST
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कानपुर बिठूर
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1857 की क्रांति में भारत की अाजादी के लिये खुद काे कुर्बान करने वालाें की जिंदगी से जुड़े हुये सच जानने के लिये अापकाे 20 दिसंबर से कानपुर में शुरु हाेने वाले बिठूर महाेत्सव में अाने की जरूरत है। 20 से हाेगा बिठूर महोत्सव का अागज हाेगा। यहां अापकाे 1857 की क्रांति के दुर्लभ चित्राें काे देखने का माैका मिलेगा।
1857 क्रांति में पूरे देश के दुर्लभ चित्रों का संकलन
कानपुर बिठूर
कानपुर के बिठूर में 20 दिसंबर से होने वाला दसवां बिठूर महोत्सव शहरवासियों के लिए यादगार होगा। मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा 1857 क्रांति में पूरे देश के दुर्लभ चित्रों का संकलन अपने आप में आकर्षण का केंद्र होगा। यह चित्र स्वराज निदेशालय ने देश में भ्रमण कर जुटाए हैं जिसमें क्रांति में अपनी भूमिका निभाने सभी महानुभावों का जिक्र किया गया है। शहर के युवाओं को क्रांतिवीरों की जीवन के बारे में भी अवगत कराया जाएगा।
ऐतिहासिक बिठूर नगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है
कानपुर बिठूर
महोत्सव के लिए ऐतिहासिक बिठूर नगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। वर्ष 2010 हुए कार्यक्रम की तुलना में इस साल काफी भव्य आयोजन किया जाएगा। नानाराव पेशवा पार्क में ऐसा भव्य पंडाल बनाया गया जिसे देखने के लिए लोग दूर- दराज से आ रहे हैं। इसमें सात सौ दर्शकों के बैठने का इंतजाम किया जाएगा। मुख्यमंत्री समेत अन्य महानुभावों के लिए आगे की दो पंक्तियां रिजर्व की गई है। महोत्सव में मध्य प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनका स्वराज निदेशालय मंगल पांडे, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मी बाई, नारा साहेब, बाबू कुंवर सिंह, वासुदेव बलवंत फड़के, सआदत खान, राजा नाहर सिंह, सुरेंद्र राय, ठाकुर रणमत सिंह समेत कई महानुभावों के चित्रों का प्रदर्शन कर सभी युवाओं को आजादी के वीरों की गाथा सुनाएंगे।
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1992 से हुई महोत्सव की शुरूआत
कानपुर बिठूर
बिठूर महोत्सव के सचिव नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बिठूर में पहली बार 1992 में महोत्सव की शुरू आत हुई थी। इसमें बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी ने दुर्गा नृत्य कर सभी को मंत्रमुग्ध किया था। इसके बाद 1994, 95, 97, 98, 99 और 2000, 2013 में कराया गया। इसके बाद वर्ष 2010 में कराया गया। इसके बाद किन्हीं कारणों से इसे बंद कर दिया गया। अब इसे पुन: गर्मजोशी के साथ शुरू किया गया है।
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बिठूर महोत्सव को देखते हुए
नानाराव पार्क
बिठूर महोत्सव को देखते हुए सिंहपुर से बिठूर और लक्ष्मीबाई प्रतिमा से ब्रम्हावर्त घाट तक सड़क चमकाई जा रही है। इसके साथ पत्थर घाट तक सड़क निर्माण किया जा रहा है। अत्यधिक पुराने और आकर्षक पत्थर को घाट की मरम्मत कराया जाएगा। महोत्सव सचिव का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सिर्फ ताज महोत्सव आगरा, गंगा महोत्सव वाराणसी में किया जाता है। इसी तर्ज पर बिठूर महोत्सव को वार्षिक कैलेंडर में शामिल किए जाने का प्रस्ताव दिया गया था। अब हर साल यह आयोजन हो इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।