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फर्रूखाबाद: अपहरणकर्ता सुभाष तहखाने में तैयार करता था बम, चलता था म्यूजिक, कॉल डिटेल से हुआ खुलासा
Wed, 05 Feb 2020 11:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 05 Feb 2020 11:44 PM IST
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farrukhabad hostage case
- फोटो : अमर उजाला
अपहरणकर्ता सुभाष मामले में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जिससे पुलिस प्रशासन दोनो हैरान हैं। सुभाष दिन भर तहखाने में बैठकर बम तैयार करता था। गांव के लोगों को इसकी भनक न लगे इसको लेकर पूरे दिन म्यूजिक सिस्टम बजाता था। अंदर की आवाजें बाहर न जाएं, इसलिए कमरे में एक खिड़की व रोशनदान तक नहीं लगाया था।
जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सुभाष की काल डिटेल में दो वकीलों के नंबर भी मिले हैं जिनसे वह प्रतिदिन बात करता था। घटना के एक दिन पहले भी सुभाष ने अपने वकील से बात की थी। सुभाष बाथम ने बच्चों को बंधक बनाने के साथ उस गुनाह से बचने के लिए कानूनी दांवपेेंच की भी पूरी जानकारी कर ली थी। इसको लेकर ही वह अपने वकील से राय लेता रहता था। उसी वकील ने कुछ दिनों पहले सुभाष की तमंचे में जमानत करवाई थी।
छुड़ाए गए बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
बदमाश सुभाष ने कई बार बाजार से भारी मात्रा में गंधक व पोटाश खरीदी थी। वह गंधक व पोटाश को अलग-अलग पीस कर उनका मिश्रण तैयार करता था। इसके बाद उसका प्रयोग बम बनाने में करता था। वहीं अतिशबाजों से बारूद भी खरीदकर लाया था। पुलिस उन दुकानदारों व आतिशबाजों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है जिनसे वह ये सामान लेता था। इसके लिए सादे कपड़ो में सिपाही बाजार में लगाए गए हैं। अभी तक की जांच में एटा जिले के भरगैन से बारूद लाने की जानकारी मिली है। पुलिस वहां भी जांच को गई है।
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अपहरणकर्ता सुभाष बाथम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया निवासी सुभाष पिछले तीन महीने से कई बार बाजार से भारी मात्रा में गंधक, पोटाश खरीदकर लाया। वह अपने घर के तहखाने में गंधक व पोटाश को अलग-अलग पीसने के बाद उसको मिश्रित करता था। इस मिश्रण को तैयार करने के बाद सुभाष ने कई आतिशबाजों से संपर्क किया और उनसे पटाखों में प्रयोग में लाई जाने वाली बारूद खरीदी थी।
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इसी घर में बच्चों को बनाया गया था बंधक, चप्पे चप्पे पर सुभाष ने लगाए थे बम
- फोटो : अमर उजाला
गंधक व पोटाश के मिश्रण के साथ कुछ हिस्सा वह बारुद का मिलाकर बम तैयार करता था। बम के बीच में प्लास्टिक हटाकर तार का कुछ हिस्सा डाल देता था। इसके अलावा उसने बम को आग से फोड़ने के इंतजाम भी किए थे। इसके लिए उसने धागे में मोम व बारूद का मिश्रण लगाकर एक हिस्सा बम के अंदर व दूसरा बाहर की ओर कर रखा था।