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यूपी: भाई को ढूंढने में नाकाम निलंबित इंस्पेक्टर की घिनौनी करतूत आई सामने, बहन पर लगाए थे ये आरोप
Sat, 18 Jul 2020 11:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 18 Jul 2020 11:49 AM IST
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Kanpur Kidnapping Case
- फोटो : amar ujala
कानपुर के बर्रा में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण के मामले में निलंबित बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय की एक और करतूत का खुलासा हुआ है। संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर ने थाने में बुलाकर बेटी रुचि पर ही राहुल के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए थे।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि मामले में शुरू से ही बर्रा इंस्पेक्टर भूमिका संदिग्ध रही है। दो जुलाई को पूर्व गोविंदनगर सीओ मनोज गुप्ता व इंस्पेक्टर ने थाने बुलाया था। सीओ पूछताछ करके चले गए। बाद में इंस्पेक्टर ने जब बेटी पर आरोप लगाया तो वह चौंक गए।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि उनकी पर्सनल डायरी में परिवार के साथ दर्ज तीसरे नंबर से वारदात के दिन रात आठ से नौ बजे के बीच पांच बार संजीत को फोन किया गया था। इस दौरान उन्होंने बेटी से फोन पर बातचीत की थी। संतुष्ट होने के बाद उन्होंने चमन सिंह को बताया कि पता नहीं किसने उनकी डायरी में यह नंबर दर्ज कर दिया। अगर ऐसा हुआ है तो पुलिस विभाग में ही किसी के अपहर्ता से मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
चमन सिंह का आरोप है कि 26 जून को राहुल यादव के खिलाफ तहरीर देने पर जनता नगर चौकी इंचार्ज राजेश कुमार ने घर पहुंचकर रिपोर्ट न दर्ज करवाने का दबाव बनाया था। इस पर बहस होने लगी तो चौकी इंचार्ज ने राहुल की ओर से मानहानि का मुकदमा उनके खिलाफ दर्ज हो जाने की धमकी भी दी। रुचि ने जब पैसे लेकर भाई को खोजने की बात की तो चौकी इंचार्ज झल्लाकर कर बाहर निकल आए और ‘देओ कितना पैसा दोगे’ का ताना मारकर चले गए।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
ये है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा थाना पुलिस को गच्चा देकर शातिर अपहरणकर्ता फिरौती के 30 लाख रुपये लेकर फरार हो गए और अपहृत को भी नहीं छोड़ा था। 22 जून से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को छोड़ने के लिए अपहर्ताओं ने परिजनों को रकम के साथ गुजैनी फ्लाईओवर के ऊपर बुलाया था।
कानपुर के बर्रा थाना पुलिस को गच्चा देकर शातिर अपहरणकर्ता फिरौती के 30 लाख रुपये लेकर फरार हो गए और अपहृत को भी नहीं छोड़ा था। 22 जून से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को छोड़ने के लिए अपहर्ताओं ने परिजनों को रकम के साथ गुजैनी फ्लाईओवर के ऊपर बुलाया था।