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एकता गुप्ता हत्याकांड: माता-पिता बोले- जैसे बेटी को मारा…वैसे मिले सजा, निष्क्रिय पुलिस अब हरकत में क्यों आई

Tue, 29 Oct 2024 06:29 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 29 Oct 2024 06:29 AM IST
सार

Kanpur News: एकता गुप्ता हत्याकांड में परिवार ने महिला आयोग से लेकर पीएमओ तक पत्र लिखे। साथ ही,  खुद साक्ष्य जुटाए और अधिकारियों से दबाव बनाया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।

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Ekta Gupta murder case Family wrote letters to PMO collected evidence then police came into action
,ekta gupta murder - फोटो : amar ujala

कानपुर में सिविल लाइंस निवासी एकता गुप्ता के लापता होने से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी और कंकाल मिलने के बीच पुलिस का रवैया सवालों में घिरा रहा। लापता होने वाले दिन ही शेयर कारोबारी पति राहुल गुप्ता ने आरोपी जिम ट्रेनर विमल सोनी के खिलाफ कोतवाली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया, लेकिन पुलिस हरकत में नहीं आई। इसके बाद परिवार ने महिला आयोग से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक पत्र लिखे।



खुद साक्ष्य जुटाकर आरोपी जिम ट्रेनर विमल सोनी के बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए लेकिन पुलिस दोनों की कॉल डिटेल के आधार पर खुद भागने की थ्योरी को सही मानकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। अंत में जब आईबी के अधिकारियों से पुलिस पर दबाव बनवाया और मृतका की मां डीसीपी से मिली जाकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

Ekta Gupta murder case Family wrote letters to PMO collected evidence then police came into action
kanpur murder - फोटो : अमर उजाला

10 को सीएम दरबार, 11 जुलाई को पीएमओ को लिखा पत्र
शुक्लागंज के ऋषिनगर निवासी मृतका के बड़े भाई हिमांशु ने बताया कि 24 जून को ग्रीनपार्क स्थित जिम के लिए घर से निकली एकता के घर न लौटने पर राहुल ने उसी दिन जिम ट्रेनर विमल कुमार पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई नहीं की।

Ekta Gupta murder case Family wrote letters to PMO collected evidence then police came into action
kanpur murder - फोटो : अमर उजाला

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस के जांच न करने पर सवाल उठाए
पुलिस की निष्क्रियता देख परिवार ने 26 जून को महिला आयोग को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद 10 जुलाई को वह लोग मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंच गए। 11 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। यही नहीं, कंकाल मिलने से पहले तीन बार पति व भाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस के जांच न करने पर सवाल उठाए।

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Ekta Gupta murder case Family wrote letters to PMO collected evidence then police came into action
kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला

महीने में 60 घंटे की बातचीत, इसलिए नहीं सक्रिय हुई पुलिस
एकता के परिजन पुलिस को एकता की तलाश करने के लिए सक्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। हत्यारोपी के दो बार एटीएम से पैसे निकालने, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर तक पुलिस को सौंपे। साक्ष्य मिलने के बाद भी पुलिस इसलिए सक्रिय नहीं हुई, क्योंकि पुलिस के पास दोनों के छह महीने में 60 घंटे की बातचीत की जानकारी थी।

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Ekta Gupta murder case Family wrote letters to PMO collected evidence then police came into action
kanpur murder - फोटो : अमर उजाला

दोनों के खुद ही भागने की कहानी तैयार की
पुलिस ने साक्ष्य तो नहीं दिया, लेकिन कॉल व मैसेज पर बातचीत, अक्सर साथ ही जिम के बाहर आना व पति की लिखाई एफआईआर में जेवर लेकर जाने की बात से पुलिस ने दोनों के खुद ही भागने की कहानी तैयार कर उस पर यकीन कर लिया। इसी कहानी की वजह से पुलिस ने मामले को बहुत गंभीरता से नहीं लिया।

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