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एकता गुप्ता हत्याकांड: महिला आयोग से लेकर पीएमओ तक परिवार ने लिखा पत्र, दबाव बनाया, तब हरकत में आई पुलिस

Tue, 29 Oct 2024 12:07 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 29 Oct 2024 12:07 AM IST
सार

Kanpur Murder Case: एकता गुप्ता हत्याकांड के खुलासे को लेकर परिवार ने महिला आयोग से लेकर पीएमओ तक पत्र लिखा, खुद साक्ष्य जुटाए, दबाव बनाया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।

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Ekta Gupta murder case: Family wrote letters from Women's Commission to PMO, then police came into action
kanpur murder case - फोटो : amar ujala
सिविल लाइंस निवासी एकता गुप्ता के लापता होने से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी और कंकाल मिलने के बीच पुलिस का रवैया सवालों में घिरा रहा। लापता होने वाले दिन ही शेयर कारोबारी पति राहुल गुप्ता ने आरोपी जिम ट्रेनर विमल सोनी के खिलाफ कोतवाली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया लेकिन पुलिस हरकत में नहीं आई। इसके बाद परिवार ने महिला आयोग से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक पत्र लिखे।


खुद साक्ष्य जुटाकर बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए लेकिन पुलिस दोनों की कॉल डिटेल के आधार पर खुद भागने की थ्योरी को सही मानकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। अंत में जब आईबी के अधिकारियों से पुलिस पर दबाव बनवाया और मृतका की मां डीसीपी से मिली जाकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

10 को सीएम दरबार, 11 जुलाई को पीएमओ को लिखा पत्र, नहीं मानी हार
शुक्लागंज के ऋषिनगर निवासी मृतका के बड़े भाई हिमांशू ने बताया कि 24 जून को ग्रीनपार्क स्थित जिम के लिए घर से निकली एकता के घर न लौटने पर राहुल ने उसी दिन जिम ट्रेनर विमल कुमार पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया लेकिन कार्रवाई नहीं की। पुलिस की निष्क्रियता देख परिवार ने 26 जून को महिला आयोग को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद 10 जुलाई को वह लोग मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंच गए। 11 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। यही नहीं, कंकाल मिलने से पहले तीन बार पति व भाई ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस के जांच न करने पर सवाल उठाए।
Ekta Gupta murder case: Family wrote letters from Women's Commission to PMO, then police came into action
kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
6 महीने में 60 घंटे की बातचीत, इसलिए नहीं सक्रिय हुई पुलिस
एकता के परिजन पुलिस को एकता की तलाश करने के लिए सक्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर तक मिलने के बाद भी पुलिस इसलिए सक्रिय नहीं हुई क्योंकि पुलिस के पास दोनों के छह महीने में 60 घंटे की बातचीत की जानकारी थी। पुलिस ने साक्ष्य तो नहीं दिया लेकिन कॉल व मैसेज पर बातचीत, अक्सर साथ ही जिम के बाहर आना व पति की लिखाई एफआईआर में जेवर लेकर जाने की बात से पुलिस ने दोनों के खुद ही भागने की कहानी तैयार कर उसपर यकीन कर लिया। इसी कहानी की वजह से पुलिस ने मामले में जांच ही आगे नहीं बढ़ाई।

 
Ekta Gupta murder case: Family wrote letters from Women's Commission to PMO, then police came into action
kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
अब क्यों ढूंढा... क्योंकि डीसीपी से मिली मां, दबाव बनाया
एकता के लापता होने के करीब साढ़े तीन महीने तक निष्क्रिय रहने वाली पुलिस दस दिन पहले हरकत में आई। ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि परिवार ने सीएम-पीएम तक शिकायत कर दबाव बनाने के साथ-साथ हिम्मत रखते हुए खुद ही आरोपी के बैंक खातों की डिटेल निकाली। आगरा समेत कई जगह एटीएम से रुपये निकालने की जानकारी पुलिस अफसरों को दी। यही नहीं, आरोपी के मोबाइल नंबरों और उसके रिश्तेदारों व संभावित ठिकानों के बारे में भी पुलिस को बताए। अंत में केंद्रीय खुफिया एजेंसी में तैनात एक बड़े अधिकारी के जरिये डीसीपी पूर्वी से मां मिली और बेटी के बारे में कुछ तो पता कराने की मांग की। इसी के बाद डीसीपी ने पूर्वी जोन के पुलिस कर्मियों की एक टीम बनाई और आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि हफ्ते भर के भीतर ही आरोपी पुलिस की पकड़ में आ गया और पूरा केस खुल गया।

 
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Ekta Gupta murder case: Family wrote letters from Women's Commission to PMO, then police came into action
kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस पर भरोसा नहीं, सीबीआई करे जांच
एकता की हत्या की जांच को जिस तरह से कानपुर पुलिस ने शुरू से हल्के में मिला, उससे अब परिवार का मन पूरी तरह से टूट चुका है। परिवार का कहना है कि पुलिस ने देर से हरकत में आई, जिसकी वजह से अब यह तक साबित करना मुश्किल हो रहा है कि आखिर ऑफिसर्स क्लब में आरोपी की कार दाखिल हुई या नहीं और हुई तो कहां तक गई। बारिश, घास और कूड़े की वजह से अबतक पुलिस को ठोस सबूत नहीं मिले हैं। गड्ढे को लेकर भी पुलिस कहानी बदल रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी पुलिस स्पष्ट बात नहीं कह रही। ऐसे में उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है।

 
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता बोले: जैसे बेटी को मारा, वैसे ही विमल को मिले सजा
जनरलगंज कपड़ा बाजार में काम करने वाले एकता के पिता गणेश प्रसाद गुप्ता और मां सुनीता ने बताया कि एकता उनकी इकलौती बेटी थी। कहा कि जैसे हत्यारोपी विमल ने उनकी बेटी को मारा, वैसे ही उसे भी सजा मिले। बताया कि 23 जून की रात बेटी अपने परिवार के साथ एक पार्टी में भी गई थी। वह एकदम पारिवारिक और रिश्तों में रमी रहने वाली लड़की थी। ऐसे में पुलिस की प्रेम प्रसंग जैसी कहानियां समझ से परे हैं।
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