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विकास दुबे के बीस सालों का इतिहास खंगालने चौबेपुर पहुंची ईडी की टीम, सामने आएगा करोड़ों के खेल का सच
Sun, 18 Oct 2020 11:36 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 18 Oct 2020 11:36 AM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अफसरों ने चौबेपुर औद्योगिक क्षेत्र पर नजरें गड़ा दी हैं। शुक्रवार को तीन सदस्यीय जांच दल ने चौबेपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। यह समझने की कोशिश की कि आखिर 20 वर्ष पहले मंधना-चौबेपुर औद्योगिक क्षेत्र में जब तेजी से विकास चल रहा था तब विकास दुबे की क्या भूमिका रही होगी।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि विकास दुबे के आतंक के दम पर दर्जनों कारोबारियों ने करोड़ों की जमीन को कौड़ियों में खरीदा। कुछ ऐसे भी उद्यमी रहे जो विकास के डर से अपनी कीमती जमीन बेचकर चले गए। आखिर वे कौन लोग हैं जो विकास दुबे के आतंक की वजह से नफा नुकसान के भागीदार हुए। ऐसे लोगों की अलग से रिपोर्ट बनाई जा रही है।
जय बाजपेई और विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि चौबेपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 250 इकाइयां हैं। 50 से ज्यादा यहां बड़े कारोबारी हैं। यह इलाका 20 साल पहले औद्योगिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता था। उसी दौर में यहां विकास शुरू हुआ और जमीन की कीमत बढ़ी।
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विकास दुबे ने पुलिस टीम पर किया था हमला
- फोटो : amar ujala
ईडी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मंधना से शिवराजपुर के बीच 20 किलोमीटर क्षेत्र में जमीन के वर्तमान और पुराने मालिकों की तलाश की जा रही है। इनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने किन दशा में जमीन बेची और खरीदी। इसके लिए रजिस्ट्री दफ्तर से औद्योगिक भूखंडों के बैनामे निकलवाए जा रहे हैं।
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विकास दुबे (काले कोट में)
- फोटो : amar ujala
सैकड़ों बीघा जमीन के असली मालिक और खरीदारों की सूची बनाई जा रही है। अभी तक की जांच में करीब 700 बीघा जमीन में बसे उद्यमी शक के दायरे में हैं। ईडी के सूत्रों के मुताबिक इस क्षेत्र के तमाम उद्यमी विकास दुबे को हर महीने लाखों रुपये पहुंचाते थे ताकि उनकी सुरक्षा बनी रहे और दूसरे उद्यमी उनसे प्रतिद्वंद्विता न कर सकें।