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यूपी: थाने में सिपाही की मौत पर बहन बोली- भइया को खा गयो दरोगा और दीवान

Fri, 24 Jul 2020 12:38 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 24 Jul 2020 12:38 AM IST
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Case of constable suicide inside police station in Jalaun
जालौन में सिपाही की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
जालौन जिले में सिपाही का शव थाना परिसर में मिलने के मामले में पुलिस की लापरवाही ही अब उसके गले की फांस बन गई है। पुलिस को मामले की जानकारी सुबह 8 बजे ही हो गई थी, इलाके में भी चर्चा हो गई थी। तीन घंटे यानि 11 बजे तक नीचे की मंजिल पर बने मुंशीयाने का कामकाज रोज की तरह चलता रहा और थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भी अपने कमरे की कुर्सी पर ऐसे बैठे रहे जैसे कि कुछ हुआ ही न हो।
Case of constable suicide inside police station in Jalaun
सिपाही की मौत से साथी गमगीन - फोटो : अमर उजाला
थाने के बाकी सिपाही भी शांत भाव से इधर-उधर टहलते दिखाई दे रहे थे। सुबह जब 11 बजे के आसपास अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे तब जाकर सिपाही के शव मिलने की पुष्टि पूरी तरह से हो सकी। इलाकाई लोगों का कहना है कि यदि मामला वाकई सुसाइड का है तो थाना पुलिस को मामले को दबाने का प्रयास करने की क्या जरूरत थी। अधिकारियों को सुबह ही क्यों नहीं जानकारी दी गई।

 
Case of constable suicide inside police station in Jalaun
जालौन में सिपाही की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस ने सिपाही रमेश का मोबाइल भी अपने कब्जे में लिया है। ललितपुर में सिपाही के पद पर कार्यरत रमेश के भाई अर्जुन का कहना है कि शव की स्थिति देख साफ है कि भाई के साथ कुछ गलत हुआ है। इसलिए उन्हें इंसाफ चाहिए है। सात भाइयों में रमेश सबसे छोटा था। दो भाइयों की मौत हो चुकी है। रमेश के दो बेटे शिवम (17),  हिमांशु (13) व एक बेटी सीमा (20) झांसी में रहते हैं।  
 
 
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Case of constable suicide inside police station in Jalaun
बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
भइया को खा गयो दरोगा और दीवान
दोपहर बाद थाने पहुंचने वाले रमेश के परिजनों की भीड़ में महिलाओं की संख्या भी काफी थी। गुस्साई महिलाएं कई बार थाने के भीतर भी जा घुसी। रमेश की बहन बृजकुमारी बार-बार चिल्ला कर कह रही थी कि भइया कौ खा गयो दरोगा और दीवान। महिलाओं की चीखों से पूरा थाना काफी देर तक गूंजता रहा।

 
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Case of constable suicide inside police station in Jalaun
जालौन में सिपाही की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
साथी की मौत से सिपाही गमगीन
एक दिन पहले तक जिस रमेश के साथ उसके साथी सिपाही हंसते बोलते थे, उसी को फंदे से लटका देख सभी की आंखें नम और जुबां खामोश थी। कोई कुछ नहीं बोल रहा था। कुछ सिपाहियों ने सिर्फ इतना ही बताया कि रमेश काफी सरल स्वभाव का था और सभी से हंसता बोलता था, कभी किसी बीमारी का भी जिक्र नहीं किया।

 
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