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Jalaun News: बचाने उतरा चचेरा भाई, आधे रास्ते से लौटना पड़ा
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फोटो -32 मृतक फूल सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : 1
कोंच/पहाड़गांव। कैलिया थाना क्षेत्र के करयावली गांव में दोनों भाइयों के कुएं में डूबने के बाद शिवा और शिवांश रोते-चिल्लाते रहे। उनकी आवाज सुनकर चचेरा भाई वीर सिंह मौके पर पहुंचा। उसने दोनों को बचाने के लिए कुएं में उतरने का प्रयास किया, लेकिन आधे रास्ते में ही उसका दम घुटने लगा। आवाज लगाने पर लोगों ने उसे बाहर खींच लिया। इसके बाद पुलिस और दमकल टीम की मदद से दोनों भाइयों को बाहर निकाला गया।
परिजनों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण फूल सिंह को कुएं में पड़ी मोटर खराब होने की चिंता थी। वह दो दिन से घर में मोटर को कुएं से निकालकर सुरक्षित रखने की बात कह रहे थे, लेकिन उनकी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार सुबह उन्होंने छोटे भाई रामलखन से कहा कि कोई सुनता नहीं है, मैं अकेले ही चला जाऊं क्या। इसके बाद रामलखन दोनों नातियों शिवा और शिवांश को साथ लेकर खेत पर चले गए।
परिजनों के मुताबिक रामलखन ने कमर में रस्सी बांधने के बजाय उसे हाथ में पकड़कर कुएं में उतरना शुरू किया था। बीच रास्ते में हाथ से रस्सी छूट गई और वह पानी में डूबने लगा। बड़े भाई ने यह दृश्य देखा तो एक पल भी नहीं सोचा और उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। दोनों भाइयों की मौत के बाद कुएं के किनारे खड़े नाती बिलखते रहे।
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राखी बांधने आने वाली थीं बहनें, मिली भाइयों की मौत की खबर
फूल सिंह और रामलखन की तीन बहनें हैं। बड़ी बहन रामकली की ससुराल जैसारी कलां और मझली बहन ज्ञानकुंवर की ससुराल बुड़ेरा में है। छोटी बहन रामकुंवर की ससुराल नदीगांव के छोटी सोनी में है। परिजनों के अनुसार रामकुंवर के पति का निधन हो चुका है। सावन में राखी के कार्यक्रम के बाद दोनों बहनें छोटी बहन के घर गई थीं और शुक्रवार शाम भाइयों को राखी बांधने करयावली आने वाली थीं। इसी बीच उन्हें दोनों भाइयों के कुएं में डूबने की सूचना मिली। खबर सुनते ही बहनों की चीख निकल गई और वे गांव की ओर दौड़ पड़ीं। जिन भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए वे आने वाली थीं, उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
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परिजनों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण फूल सिंह को कुएं में पड़ी मोटर खराब होने की चिंता थी। वह दो दिन से घर में मोटर को कुएं से निकालकर सुरक्षित रखने की बात कह रहे थे, लेकिन उनकी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार सुबह उन्होंने छोटे भाई रामलखन से कहा कि कोई सुनता नहीं है, मैं अकेले ही चला जाऊं क्या। इसके बाद रामलखन दोनों नातियों शिवा और शिवांश को साथ लेकर खेत पर चले गए।
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परिजनों के मुताबिक रामलखन ने कमर में रस्सी बांधने के बजाय उसे हाथ में पकड़कर कुएं में उतरना शुरू किया था। बीच रास्ते में हाथ से रस्सी छूट गई और वह पानी में डूबने लगा। बड़े भाई ने यह दृश्य देखा तो एक पल भी नहीं सोचा और उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। दोनों भाइयों की मौत के बाद कुएं के किनारे खड़े नाती बिलखते रहे।
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राखी बांधने आने वाली थीं बहनें, मिली भाइयों की मौत की खबर
फूल सिंह और रामलखन की तीन बहनें हैं। बड़ी बहन रामकली की ससुराल जैसारी कलां और मझली बहन ज्ञानकुंवर की ससुराल बुड़ेरा में है। छोटी बहन रामकुंवर की ससुराल नदीगांव के छोटी सोनी में है। परिजनों के अनुसार रामकुंवर के पति का निधन हो चुका है। सावन में राखी के कार्यक्रम के बाद दोनों बहनें छोटी बहन के घर गई थीं और शुक्रवार शाम भाइयों को राखी बांधने करयावली आने वाली थीं। इसी बीच उन्हें दोनों भाइयों के कुएं में डूबने की सूचना मिली। खबर सुनते ही बहनों की चीख निकल गई और वे गांव की ओर दौड़ पड़ीं। जिन भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए वे आने वाली थीं, उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

फोटो -32 मृतक फूल सिंह की फाइल फोटो।- फोटो : 1

फोटो -32 मृतक फूल सिंह की फाइल फोटो।- फोटो : 1