बिजनौर में रामगंगा नदी में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। घर नहीं पहुंचने पर इनकी तलाश शुरू की गई तो बरखेड़ा घाट पर इनके कपड़े रखे मिले, जिसके बाद गोताखोरों ने नदी में इनकी तलाश की और दोनों के शव नदी से बाहर निकाले।
ठहरे हुए पानी में कुंड नहीं भांप पाए दोनों दोस्त
रामगंगा के ठहरे हुए पानी में गहरे कुंड को दोनों दोस्त नहीं भांप पाए। जिसमें पहुंचते हुए दोनों काल के गाल में समा गए। इसके बाद दोनों के शव बाहर निकाल लिए गए। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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किशोरों के फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
गांव बेरखेड़ा का रहने वाला अर्श मलिक (13) पांच बहनों का इकलौता भाई था। सबसे छोटा होने की वजह से परिवार में लाडला भी था। दोपहर में गर्मी लगी तो अर्श अपने दोस्त अयान के साथ रामगंगा में नहाने के लिए पहुंच गया। दोनों ने कपड़े किनारे पर रख नदी में नहाने के लिए छलांग लगा दी। नदी में एक स्थान पर कुंड होने के कारण दोनों उसमें फंस गए। जिसके कारण वे गहरे पानी में डूब गए।
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गांव में पसरा मातम।
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अर्श मालिक रामपुर घोघर के एक स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। उसकी मौत की खबर से ही बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दूसरा डूबने वाला अयान आठवीं में पढ़ता था। अयान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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विलाप करते परिजन।
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कल से कर रहे थे नहाने की जिद
अयान के पिता लड्डन खां ने रोते-रोते बताया कि बुधवार को भी ये नहाने के लिए नदी पर जाने के लिए कह रहे थे। तब मना कर दिया था। काश आज भी मना कर दिया होता तो ये घटना न होती।
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जांच करती पुलिस।
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पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़े रहे परिजन, किया हंगामा
नदी में डूबने से हुई दो किशोरों की मौत के बाद पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी। पुलिस ने कई बार पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा लेकिन, परिजनों ने इनकार कर दिया। इतना ही नहीं लोगों ने हंगामा भी किया।