बिजनौर जनपद में नहटौर क्षेत्र के बैरमनगर में जमीन पर पट्टाधारक और बैनामाधारक को कब्जा दिलाने के लिए राजस्व विभाग और पुलिस की टीम को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों की भीड़ ने टीम पर पथराव करते हुए पुलिस को दौड़ा लिया। हालांकि शुरुआत में पुलिस ने लाठी फटकारते हुए विरोध करने वालों को खदेड़ दिया था, लेकिन बाद में हालात बेकाबू हो गए। पथराव में कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। वहीं हल्का लेखपाल ने ग्राम प्रधान के पति को नामजद करते हुए 80 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस पर पथराव: अफसरों ने दौड़कर बचाई जान, कई पुलिसकर्मी हुए चोटिल, देखिए मौके की तस्वीरें
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वहीं बाद में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस पर पत्थर, कांच की बोतलें फेंकने पर पुलिस को भागना पड़ा। कई पुलिसकर्मी पत्थर लगने से चोटिल हो गए। एक अस्पताल के बाहर खड़ी कार के सीसे भी टूट गए। ग्रामीणों के विरोध के चलते जमीन पर किए जा रहे निर्माण को रोक दिया गया। पुलिस ने ग्राम प्रधान के पति सुलेमान अंसारी को पकड़ लिया है।
पुलिस के मौके से लौटते ही ग्रामीणों ने उक्त जमीन पर बनाई नींव को उखाड़ दिया और ईंट उठाकर ले गए। फोटो खींच रहे कई युवकों के साथ मारपीट भी की गई। एक अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया गया। विवाद की सूचना पर एसपी पूर्वी धर्म सिंह मरचाल व सीओ धामपुर इंदु सिद्धार्थ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता की। एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्चाल का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वहीं हल्का लेखपाल अरुण कुमार ने ग्राम प्रधान के पति सुलेमान अंसारी सहित 80 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पत्थरबाजों ने मुंह पर बांध रखा था कपड़ा
पत्थरबाजी कर रहे युवकों ने अपने मुंह को कपड़े से ढक रखा था। पहचान छुपाने की कोशिश की जा रही थी। पहचान को लेकर फोटो खींच रहे एक लेखपाल के साथी सहित कई युवकों के साथ मारपीट की गई, अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे तक तोड़ दिए गए।
यह है मामला
नहटौर कस्बे से सटी हुई ग्राम पंचायत है बैरमनगर, इस पंचायत के खसरा नंबर 68 में वर्ष 2003 में सरकार की ओर से गांव के ही राजपाल सिंह व मगन सिंह को 100-100 गज भूमि के आवासीय पट्टे किए थे। वर्ष 2008 में मौजूदा प्रधान सलामत की ओर से वाद दायर किया गया था। बताया जाता है कि वर्ष 2017 में पट्टे धारकों के पट्टे वैध मान लिए गए। वर्ष 2019 में राजपाल सिंह की ओर से उक्त भूमि पर पड़ी झोपड़ी में आग लगाने की शिकायत भी पुलिस से की गई। तभी से लेकर उक्त भूमि पर विवाद चला आ रहा है। उक्त पट्टेधारकों ने इस भूमि को मोहम्मद अली को बेच दिया था।