बरेली के फरीदपुर क्षेत्र में रामगंगा कटरी के गांव गोविंदपुर में जमीन पर कब्जे को लेकर तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत 33 के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सुरेश पाल सिंह तोमर उर्फ सुरेश प्रधान वारदात को अंजाम देने के लिए बदायूं के उझानी से भाड़े के बदमाश लाया था। उनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली गई है। मोटरबोट भी बरामद की है।
फरीदपुर थाने में दूसरे पक्ष के सरदार परमवीर सिंह के फार्म हाउस के मैनेजर खजांची लाल शर्मा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 500 बीघा जमीन के सीमांकन को लेकर फार्म हाउस के मालिक परमवीर सिंह का पड़ोसी गांव रायपुर हंस निवासी सुरेश पाल सिंह तोमर, गजसिंहपुर के सूरजपाल और आगरा के सुभाष पाठक व वीरेंद्र पाठक से विवाद चल रहा है।
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घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी
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शिकायत पर राजस्व टीम ने जमीन की नापजोख कर उसे परमवीर का बताया था। विपक्षी इससे नाराज थे। आरोपियों ने बुधवार को परमवीर के खेत में खड़ी गन्ने की फसल में आग लगा दी थी। ड्राइवर विकल की सूचना पर पड़ोसी फार्म हाउस के मालिक रविंद्र यादव ने आग बुझाई। हालांकि तब तक दो बीघा गन्ने की फसल भी बर्बाद हो गई।
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जिला अस्पताल में रखे शव
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खेत के दूसरी और उनके साथी सरदार देवेंद्र सिंह, परविंदर सिंह व सुरेंद्र सिंह ट्रॉली में गन्ना भर रहे थे, तभी आरोपियों ने डंडों व गड़ासे से उन पर हमला कर दिया। फायरिंग भी शुरू कर दी। जानकारी होने पर वे लोग भी वहां पहुंचे तो देवेंद्र सिंह, परमिंदर सिंह व एक अन्य का शव पड़ा था।
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आरोपी सुरेश प्रधान
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आरोपी सुरेंद्र प्रधान भी घायल हो गया था। पुलिस को अंदेशा है कि सुरेश प्रधान बदायूं या मुरादाबाद के किसी अस्पताल में गुपचुप इलाज करा रहा है। कई लोगों के संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। सुरेश की तलाश में भी जुटी है।
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इसी स्टीमर से आए थे आरोपी
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घटनास्थल से राम गंगा किनारे तक खून के निशान मिले हैं। जूते, घड़ी, टोपी, भाला और डंडे मौके पर पड़े थे। वहीं सुरेश प्रधान जिस स्टीमर से वारदात को अंजाम देने आया था, पुलिस ने रायपुर हंस दिशा के रामगंगा घाट से उसे बरामद कर लिया है।