बरेली में गरीब परिवार से एक दिन के बच्चे लकी को गोद लेकर निसंतान दंपती ने करोड़ों का वारिस बना दिया, लेकिन उसकी लालची फितरत को नहीं बदल सके। उन्होंने लकी को नाम और पहचान दी। उसी बेटे ने उस मां की हत्या कर दी, जिसने पाल-पोसकर बड़ा किया।
फरीदा बेगम की हत्या के खुलासे के बाद परिवार हैरत में है। हालांकि खुलासे को लेकर सीओ प्रथम श्वेता यादव ने उन्हें संभावित स्थिति बता रखी थी। फरीदा बेगम की छोटी बहन इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. नफीस खान की पत्नी हैं तो छोटे भाई रिटायर्ड एडीएम इफ्तिखार अहमद की कोरोना काल में मौत हो चुकी है। परिवार के मुताबिक अफसय खान उर्फ लकी के असली माता-पिता के बारे में फरीदा बेगम और उनके पति स्वर्गीय मुईन खां ने किसी को कुछ नहीं बताया था, लेकिन इतना जरूर पता था कि वह किसी गरीब परिवार का बच्चा है।
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फरीदा बेगम का फाइल फोटो, आरोपी बेटा
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मुईन खान का कोहाड़ापीर में होटल था, जिसका नाम उन्होंने लकी के नाम पर ही रख दिया। दस साल पहले मुईन की मौत हो गई तो लकी ने होटल बंद कर छत पर जिम खोल लिया। होटल के नीचे दुकानें थीं, जिनका किराया फरीदा ही रखती थीं। इस पर भी लकी उनसे खुन्नस मानता था। उसके खर्चे बेहिसाब थे। फरीदा से जिद कर उसने पहले अपाचे, फिर जेडएमआर बाइक ली। इन्हें बेचकर स्कूटी खरीदी और अब बुलेट की जिद पाल ली थी। इसी को लेकर उसने उनकी हत्या कर दी।
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एसपी सिटी राहुल भाटी
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17 जनवरी को फरीदा बेगम (65) की हत्या की गई थी। रसोई में उनका शव पड़ा मिला था। पुलिस को शुरुआत से ही लकी पर शक था। सख्ती की गई तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि वह मां से बुलेट बाइक खरीदने के लिए रुपये मांग रहा था। उन्होंने मना किया तो रसोई में रखी सरिया से उनके सिर पर वार कर दिया।
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हत्यारोपी युवक
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करोड़ों की संपत्ति के स्वामित्व को लेकर चर्चा
खान मार्केट की दुकानें, होटल का भवन, लल्ला मार्केट के पास कोठी और कोहाड़ापीर का मकान समेत फरीदा बेगम के पास करीब ढाई करोड़ की संपत्ति थी। उनके सभी कागजातों में लकी को ही पुत्र के तौर पर दर्ज किया गया है। वसीयत के मुताबिक उनकी मृत्यु के बाद सारी संपत्ति का इकलौता वारिस लकी ही था, जो अब भी है। हालांकि उसके हत्यारोपी होने की स्थिति में संपत्ति के स्वामित्व को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
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फरीदा बेगम के परिजन
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चर्चा है कि फरीदा अपनी कुछ संपत्ति मस्जिद को दान करने वाली थीं लेकिन उसके कागजात पुलिस को नहीं मिले। प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े अधिकांश लोग खुद संपत्ति नहीं लेना चाहते पर यह भी चाहते हैं कि लकी को भी इस पर हक नहीं मिलना चाहिए।