करेली के बख्शी मोढ़ा में युवक की हत्या के बाद सनसनी फैल गई। मामला अलग-अलग समुदायों से जुड़ा था, इसलिए कुछ ही देर में वहां तनाव फैल गया। सूचना पर आईजी एसएसपी समेत तमाम पुलिस अफसर पहुंच गए। कई थानों की फोर्स भी बुला ली गई। पुलिस अफसर आक्रोशित घरवालों व ग्रामीणों को समझाने में लगे रहे। उनका कहना है कि फिलहाल हालात को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
प्रयागराज में युवक की हत्या के बाद बढ़ा तनाव, आला अधिकारी मौके पर पहुंचे
बख्शीमोढ़ा की निषाद बस्ती में निषादों के करीब डेढ़ सौ परिवार रहते हैं। लौटन निषाद की हत्या के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। कुछ ही देर में सैकड़ों लोग जमा हो गए। मौके पर पहुंची करेली थाने के पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा था। मामले की सूचना दी गई तो एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज और फिर आईजी रेंज केपी सिंह भी पहुंच गए।
अफसरों ने न सिर्फ घरवालों बल्कि आक्रोशित ग्रामीणों को भी समझाया। कहा कि पुलिस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। शासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए हत्यारों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। काफी देर की मशक्कत के बाद ग्रामीण शांत हुए और तब जाकर पुलिसकर्मी शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सके। इससे पहले मामला दो समुदायों का होने की वजह से गांव में स्थिति तनावपूर्ण भी हो गई।
जिसे देखते हुए खुल्दाबाद शाहगंज कोतवाली के साथ ही कई अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर बुला ली गई। उधर घटना के बाद गांव की मुस्लिम बस्ती में रहने वाले कई पुरुष घर छोड़कर गायब हो गए। उधर पुलिस अफसरों का कहना है कि तनाव जैसी कोई बात नहीं है। लोगों में आक्रोश था जिन्हें समझा कर शांत करा दिया गया है। रही बात फोर्स लगाने की तो ऐसा एहतियातन किया गया है।
लॉकडाउन के दौरान हत्या, चाक-चौबंद सुरक्षा के दावों पर सवाल
प्रयागराज। करेली के बख्शीमोढ़ा में जिस तरीके से युवक की दौड़ा-दौड़ा कर हत्या की गई, उससे शहर में चाक-चौबंद सुरक्षा के अफसरों के दावों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लॉकडाउन के दौरान जब पूरा जिला छावनी में तब्दील है, इस तरह की वारदात पुलिसकर्मियों की सक्रियता पर भी सवालिया निशान लगाती है।करेली के बख्शीमोढ़ा में रविवार को दिनदहाड़े नृशंस तरीके से लौटन निषाद की गोली मारकर हत्या की गई। इस वारदात से दो दिन पहले मदारीपुर में भी दो पक्षों में विवाद के बाद फायरिंग की गई थी। जिसमें प्रधान सालिगराम का भाई सक्खू निषाद गोली लगने से जख्मी हुआ था। हालांकि पुलिस गोली लगने की बात नकारती रही।
इन दोनों वारदातों से पहले कोतवाली क्षेत्र में चंद्रलोक टाकीज के पास मेडिकल स्टोर में काम करने वाली दो युवतियों से सरेआम पर्स लूटने की कोशिश की गई थी। जिसमें विरोध पर बदमाशों ने गैस एजेंसी कर्मचारी अविनाश यादव को चाकू मार दिया था। उधर बिक्री पर पूर्णतया रोक के बावजूद शराब की बिक्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक दिन पहले सिविल लाइंस व कैंट में जबकि उससे पहले धूमनगंज व कीडगंज में शराब के साथ लोग पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में पुलिसिया दावे खोखले साबित हो रहे हैं।