{"_id":"5c541c2fbdec222c51027b10","slug":"kumbh-mela-2019-cultural-kumbh-singing-recital-and-dance-composition-got-to-see","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Kumbh Mela 2019: सांस्कृतिक कुंभ में गायन-वादन-नृत्य का संगम, 'दुर्योधन' की प्रस्तुति रही खास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kumbh Mela 2019: सांस्कृतिक कुंभ में गायन-वादन-नृत्य का संगम, 'दुर्योधन' की प्रस्तुति रही खास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: kapil kumar
Updated Fri, 01 Feb 2019 04:07 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
सांस्कृतिक कुंभ में बृहस्पतिवार की महाभारत सीरियल के दुर्योधन पुनीत पुनीत इस्सर की झलक पाने के लिए लोग बेताब रहे। कथक नृत्य की थिरकन के साथ गायन, वादन की त्रिवेणी में संतों-भक्तों ने देर रात तक डुबकी लगाई।
2 of 5
Cultural Kumbh
सेक्टर-4 में अक्षयवट के मंच पर मुंबई से आए बॉलीवुड कलाकार पुनीत इस्सर ने विशेष प्रस्तुति दी। इनके बाद लखनऊ की कलाकार सुरभि सिंह का कुंभ पर आधारित कत्थक बैले पेश किया। गुजरात के चेतन जेठवा ने गरबा और डांडिया नृत्य पेश किया। फिर नमामि गंगे- नृत्य नाटिका दिल्ली से आई सरोजा वैद्यनाथन ने निर्देशित किया। इसके बाद इस मंच पर मॉरीशस के कलाकारों ने रामलीला का मंचन कर सबका दिल जीत लिया।
3 of 5
Cultural Kumbh
इसी तरह सेक्टर- 6 के भारद्वाज मंच पर गोरखपुर के कलाकार विंध्याचल ने फरुवाही लोकनृत्य पेश किया। फरुवाही लोकनृत्य के बाद रायबरेली से आये शीलू राजपूत का आल्हा गायन हुआ। दिल्ली की एबिलिटी अनलिमिटेड संस्था के दिव्यांग बच्चों ने प्रस्तुत किया। सेक्टर- 17 के यमुना मंच पर लखनऊ के अरुण भट्ट की तबला कचहरी प्रस्तुत हुई। इसके बाद लखनऊ के शशिकांत पाठक का पखावज वादन हुआ। लखनऊ के ही केवल कुमार ने अवधी लोकगीत सुनाया। इन लोकगीतों के बाद झारखंड से आए सुखदेव बंजारे ने पंथी लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
Cultural Kumbh
सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर यूपी के लोक कलाकार धनंजय सिंह ने दीवारी नृत्य प्रस्तुत किया। दीवारी नृत्य के बाद मथुरा की कलाकार वंदना सिंह ने मयूर नृत्य दिखाया। मयूर नृत्य के बाद जम्मू के कलाकार कुमार भारती ने इस मंच पर उरभंगम नाटक का मंचन किया। इसके बाद विशेष प्रस्तुति के तौर पर बलिया के कलाकार धीरज कुमार गुप्ता ने एक नाटक मोक्षदायिनी गंगा का मंचन किया। इसी तरह पद्मश्री एम वेंकटेश कुमार का शास्त्रीय गायन यादगार बना।
विज्ञापन
5 of 5
Cultural Kumbh
इन्होंने राग मुल्तानी में बंदिशें प्रस्तुत की। इनके साथ तबले पर केशव जोशी, हारमोनियम पर विनय कुमार मिश्र, तानपूरे पर रमेश कोलकुदा और कार्तिक सिंह ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी की ओर से बिस्मिल्लाह खान पुरस्कार प्राप्त नर्तक पंडित सिनम बसु सिंह के मणिपुरी रास नृत्य की रही। इन्होंने शिव पंचाक्षर एवं बसंत रास का मंचन किया। इनके साथ पुंग (मृदंग) पर श्री आरके उपेंद्रो, ढोलक पर नीलचंद्र, गायन में प्राणेश्वरी देवी, मंजीरा (मंडिला) पर रोमाकांता एवं बांसुरी पर आर के चिंगलेनसाना ने संगत की। रॉबर्ट, रोजेस, अनिता देवी, पूर्णिमा देवी, उषा रानी, एलिजाबेथ, सपना, इबेतोमी, संजू, साधना, अपरिला एवं संगीता ने नृत्य प्रस्तुत किया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।