दीपावली पर रविवार को घर-घर में महालक्ष्मी के पदचिह्न उकेरे गए तो दरवाजों पर शुभ-लाभ के प्रतीकों को सजाया गया। शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी-गणेश के साथ रिद्धि-सिद्धि की सविधि पूजा की गई। चांदी के अलावा गंगा की मिट्टी से बनी लक्ष्मी-गणेश गणेश की प्रतिमाओं की पूजा कर धन-धान्य की कामना की गई।
दिवाली 2023 : महालक्ष्मी संग विघ्नहर्ता गणेश की सविधि आराधना, दरिद्धि-सिद्धि की उतारी गई आरती
Diwali 2023 : वेदियों पर मां लक्ष्मी के साथ गणेश प्रतिमाओं को रखकर आराधना की गई। इस दौरान अन्न-धन का खजाना भी भरा गया। मां लक्ष्मी को तरह-तरह के फल और मिठाई अर्पित की गई। इस दौरान लोगों ने घरों ने संकल्प लेकर मंत्रोच्चार के साथ महालक्ष्मी का आह्वान किया।
पटाखों के बाजार में रही रौनक, खूब बिकीं मिठाइयां
दिवाली के दिन पटाखों का बाजार खूब गर्म रहा। तमाम मैदानों में सजी पटाखों की दुकानों पर लोगों ने रविवार शाम तक जमकर खरीदारी की। इस दौरान फैंसी पटाखे की धूम रही। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ दिवाली पर ही 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के पटाखे बिक गए।प्रयागराज में अस्थाई तौर पर पटाखों की दुकानें कुल 14 स्थानों पर लगी हैं। पटाखा बाजार में फैंसी पटाखें लोगों ने ज्यादा पसंद किए।
तेज आवाज वाले पटाखे बाजारों में कम दिखे। दुकानदार पवन और विक्रम पटेल ने बताया कि इको फ्रेंडली पटाखों की खूब बिक्री हुई। मो.कादिर ने बताया कि स्काई शॉट, सुपर स्टार रॉकेट, पांच रंग छोड़ने वाले अनार, पैराशूट, फ्लावर ग्रीन, ड्रैगन आदि पटाखे भी लोगों ने पसंद किए। ड्रोन पटाखा भी लोगों ने खरीदा। परंपरागत फुलझड़ी, चकरी, अनार, रॉकेट भी लोगों ने खरीदे। इसी तरह लाई-लावा, चीनी से बने खिलौने की बिक्री ने भी रविवार को जोर पकड़ा। दिवाली पर पूजन के लिए लक्ष्मी, गणेश, भगवान शंकर, कुबेर, हनुमान जी, सरस्वती मां की मूर्तियां भी शाम तक बिकती रहीं।
वहीं, दूसरी ओर मिठाइयों की दुकानों पर भी सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। मेवे से बनी मिठाइयों के साथ मोतीचूर के लड्डू आदि भी खूब बिके। नेतराम में 250-250 ग्राम के वजन वाला मोतीचूर का लड्डू भी लोगों ने पसंद किया। भगवान दास, प्रहलाद दास में भी मेवे की मिठाइयों की खूब बिक्री हुई। सैनिक स्वीटस, सुलाकी लाल, कामधेनु स्वीटस, जगराम आदि दुकानों पर भी कई क्विंटल मिठाई बिक गई।
100 रुपये प्रति पीस तक बिका कमल का फूल
दिवाली पूजन में कमल के फूल का विशेष महत्व है। इसी वजह से रविवार को तमाम फूल की मंडियों में कमल के फूल की सर्वाधिक मारामारी रही। रामबाग में सुबह कमल के प्रति फूल की 100 रुपये तक की कीमत वसूली गई। पुराने यमुना पुल के पास भी कमल का फूल 50 से 100 रुपये में बिका। इसी तरह घरों को सजाने के लिए गेंदे के फूल की लड़ियां भी लोगों ने खरीदी। बाजारों में 500 रुपये तक की लड़ियां मौजूद रहीं। अशोक के पत्ते, आम के पत्ते की माला भी लोगों ने अपने घरों में सजाई। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का अनुमान है रविवार को ही जिले में फूलों का पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो गया।
दिवाली पर भी खिलखिलाया बाजार
दिवाली के दिन भी प्रयागराज का बाजार खूब खिलखिलाया। धनतेरस के मौके पर जो लोग अपने वाहन की डिलीवरी ज्यादा समय हो जाने की वजह से नहीं ले सके थे, उसमें से अधिकांश ने दिवाली का दिन ही वाहनों को घर ले जाने के लिए चुना।
ऑटोमोबाइल के साथ सराफा और इलेक्ट्रानिक्स बाजार भी गुलजार रहा। हालांकि, दोपहर तीन बजे के बाद वाहन और इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही कम होनी शुरू हो गई। बर्तन, फर्नीचर, गारमेंट, फुटवियर आदि ट्रेड में भी रौनक देखने को मिली। एक अनुमान के मुताबिक दिवाली पर भी 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रयागराज में हुआ है।
कैट की ओर से दिवाली के मौके पर जारी किए गए खरीदारी के आंकड़े
ऑटोमोबाइल 4-5 करोड़
रियल एस्टेट 12-15 करोड़
सोना चांदी 35- 40 करोड़
इलेक्ट्रॉनिक्स 4-5 करोड़
बर्तन 1.5- 2 करोड़
ड्राई फ्रूट 2-3 करोड़
मिठाई 8-10 करोड़
फर्नीचर 1-1.50 करोड़
गारमेंट, फुटवियर 1.5-2 करोड़
आतिशबाजी 8- 10 करोड़
लाई-लावा 3-4 करोड़
फूल 4-5 करोड़