जेएनयू की घटना को लेकर प्रयागराज में एबीवीपी और आईसा हुए आमने सामने, विवि छावनी में तब्दील
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की घटना को लेकर सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में तनावपूर्ण माहौल रहा। एक तरफ एबीवीपी और दूसरी तरह अन्य छात्रसंगठन सामने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में टकराव की आशंका को देखते हुए छात्रसंघ भवन के आसपास केंद्रीय पुलिस बल के जवानों को तैनात कर दिया गया। साथ ही हॉस्टलों पर निगरानी बढ़ा दी गई। दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर वहां से हटाया।
विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन के बाहर दोपहर 12 बजे के आसपास आईसा, एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा, एसएफआई, दिशा छात्र संगठन, इंकलाबी नौजवान सभा, युवा मंच जैसे संगठनों के सदस्य जुटने लगे तो दूसरी ओर एबीवीपी के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। छात्र संगठनों की संयुक्त सभा में वक्ताओं ने कहा कि ये हमले शिक्षण संस्थानों में सिलसिलेवार रूप से हो रहे हमलों का ही अगला हिस्सा है। यह हमला सिर्फ जेएनयू के छात्र-छात्रओं और शिक्षकों पर नहीं, बल्कि पूरी उच्च शिक्षा पर है। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग छात्र संगठनों से अवनीश यादव, अखिलेश यादव, नेहा यादव, अमित, नीशू, सुनील मौर्या, शक्ति, अनिरुद्ध, मनीष, ऋतुषा, खुशू, साक्षी, शैलेश, राजेश सचान आदि मौजूद रहे।
उधर, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और सभा में कहा कि एबीवीपी विवेकानंद के आदर्शों एवं मार्गदर्शन पर चलने वाला छात्र संगठन है, जो राष्ट्रवाद और विकास में यकीन रखता है। जेएनयू इधर कुछ वर्षों से मुख्यधारा से अलग राग अलाप रहा है। कभी भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात करता है तो कभी अफजल के साथ खड़ा हो जाता है। एबीवीपी इसकी निंदा करता है। जेएनयू में हुई हिंसा के लिए एबीवीपी जिम्मेदार नहीं। बिना किसी कारण के आरोप लगा देना वामपंथियों की आदत है। जेएनयू की घटना पर एनएसयूआई, समाजवादी छात्रसभा का देशद्रोहियों के समर्थन में खड़े हो जाना निंदनीय है। प्रदर्शन एवं सभा में एबीवीपी नेता तेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह चौहान, रजनीश सिंह रिशू, रुद्र पांडेय, संदीप साहू, कृष्णा सिंह, शुभम, विश्वजीत मौर्य, शनि कुमार, दिग्विजय सिंह, सत्यम सिंह आदि मौजूद रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक सप्ताह से अशांति की स्थिति बनी हुई है। कभी ढोल-नगाड़ों के साथ छात्र परिसर में जुलूस निकाल रहे हैं तो कभी जेएनयू की घटना को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले में अब विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएस दुबे एवं डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार ने डीएम-एसएसपी को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात किए जाने का आग्रह किया है।
पार्षदों ने की जेएनयू घटना की निंदा
जेएनयू के छात्रों, अध्यापकों की बर्बरतापूर्ण पिटाई के विरोध में वर्तमान एवं पूर्व पार्षदों ने सोमवार को बैठक कर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मांग की कि हमला करने वाले गुंडों को चिह्नित करते हुए मामले की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषियों को उम्र कैद की सजा दिलाई जाए। बैठक में शिवसेवक सिंह, अशोक सिंह, आनंद घिल्डियाल, कमलेश सिंह, रंजन कुमार, अजय यादव, मोहम्मद आजम, सुशील कुमार, चंद्र प्रकाश गंगा, चंद्र शेखर बच्चा, दिनेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।