आगरा के थाना हरीपर्वत में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वर्चुअल संवाद कार्यक्रम की जानकारी पर पीड़ित महिलाएं पहुंचीं। किसी ने पति से खर्च नहीं मिलने तो किसी ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसमें कार्रवाई न होने की बात कही। दो महिलाओं ने सांसद एसपी सिंह बघेल, एडीजी अजय आनंद और एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद को अपनी पीड़ा बताई। इस दौरान वे फूट-फूटकर रोने लगीं। इस पर आला अधिकारियों ने संबंधित थानों की पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वर्चुअल संवाद कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम की जानकारी पर सुबह नौ बजे से ही थाने पर पीड़ित महिलाओं का आना शुरू हो गया था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सांसद और एडीजी सहित अन्य पुलिस अधिकारी बाहर आए। तभी महिलाओं ने उनको घेर लिया। उन्होंने कहा कि सुनवाई नहीं हो रही है। थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की महिला विनीता की शिकायत थी कि उसके पति ने चार शादी की हैं। वह उसकी दूसरी पत्नी है। पति अब चौथी पत्नी के साथ रह रहा है।
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पीड़ित विनीता
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विनीता का कहना था कि वह जब भी पति से खर्च के लिए रुपये मांगने जाती है, उसके परिवार वाले और बेटे मारपीट करते हैं। 17 मार्च को घर में घुस आए थे। इसके बाद उसकी पिटाई की थी। इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई है। वह सांसद और अधिकारियों के सामने रोने लगीं। उनके साथ बच्चे भी आए थे। पीड़िता की शिकायत पर एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने कार्रवाई के आदेश किए।
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एडीजी को शिकायती पत्र देती पीड़ित महिला
- फोटो : अमर उजाला
हरीपर्वत क्षेत्र स्थित एक स्वास्थ्य संस्थान की नर्स ने भी उत्पीड़न की शिकायत की। वह भी रोने लगी। इस पर महिला को बताया गया कि उसका मुकदमा दर्ज है। विवेचना की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इस पर पीड़िता संतुष्ट होकर चली गईं। इसके अलावा भी महिलाएं पहुंची। उनकी शिकायत को महिला डेस्क की प्रभारी ने सुना। उनकी शिकायत को दर्ज भी किया।
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एडीजी अजय आनंद से शिकायत करती पीड़ित महिला
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ताजगंज क्षेत्र की महिला का कहना था कि निकाह को डेढ़ साल से ज्यादा हो गए हैं। निकाह के बाद से ही पति और ससुरालियों ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर घर से निकाल दिया। इसके बाद लॉकडाउन में भी घर से 50 हजार रुपये लाने की मांग की। मई में सुसराल जाने पर मारपीट की। इस मामले में दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन अब कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने काउंसिलिंग तक नहीं कराई। इस पर थाना ताजगंज पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।