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बाढ़ ने छीनी मासूम जिंदगी: चारों तरफ पानी ही पानी, बुखार से तपता सागर न पहुंच सका अस्पताल; पिता की गोद में मौत

Sat, 12 Sep 2026 12:43 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 12 Sep 2026 12:43 PM IST
सार

कासगंज के पटियाली में बाढ़ के पानी ने सात साल के बुखार पीड़ित मासूम के अस्पताल पहुंचने का रास्ता रोक दिया। समय पर इलाज न मिलने से बच्चे ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया, जिसके बाद शव को भी बाढ़ के पानी से निकालकर ले जाना पड़ा।
 

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Flood Blocks Hospital Route Seven-Year-Old Boy Dies in Father’s Arms
बाढ़ ने छीनी मासूम जिंदगी - फोटो : अमर उजाला
कासगंज के पटियाली के नगला जयकिशन गांव में शुक्रवार को तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित सात साल के सागर ने पिता भूदेव की गोद में ही दम तोड़ दिया। चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा होने के कारण मासूम को वक्त पर इलाज नहीं मिल सका।


मौत के बाद भी बेबसी खत्म नहीं हुई परिजन और ग्रामीण बालक के शव को दो किलोमीटर तक बाढ़ के पानी से निकालकर ले गए तब जाकर सूखे स्थान पर अंतिम संस्कार किया जा सका। एक हफ्ते में बुखार से हुई इस दूसरी मौत के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। पिता ने बताया कि सागर को पिछले तीन दिनों से तेज बुखार आ रहा था। चारों तरफ पानी भरा होने के कारण उसे बाहर अस्पताल नहीं ले जा सके और गांव के ही एक चिकित्सक से दवा दिलवा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे बालक की हालत अधिक बिगड़ गई और देखते ही देखते उसने पिता की गोद में दम तोड़ दिया।

 
Flood Blocks Hospital Route Seven-Year-Old Boy Dies in Father’s Arms
घर में विलाप करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
अंतिम संस्कार के दौरान भी परिजन को भारी संघर्ष करना पड़ा। पिता भूदेव अन्य ग्रामीणों के साथ बालक के शव को गोद में लेकर करीब दो किलोमीटर तक बाढ़ के पानी से पैदल निकले और सूखे स्थान पर पहुंचकर बच्चे को दफनाया।

 
Flood Blocks Hospital Route Seven-Year-Old Boy Dies in Father’s Arms
बाढ़ प्रभावित गांव - फोटो : अमर उजाला
बुखार से वृद्ध की माैत हो चुकी है
कुछ दिन पूर्व पास के ही बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में भी धर्मवीर नामक वृद्ध की बुखार से मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। गांव के उर्वेश ने बताया कि बालक की मां भी बुखार की चपेट में हैं जिनका इलाज कराया जा रहा है। अन्य कई लोगों को बुखार आ रहा है। गंजडुंडवारा सीएचसी  चिकित्साधीक्षक डॉ. आकाश सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी नगला जयकिशन में शिविर लगाया गया था। फिर से गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है। 
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Flood Blocks Hospital Route Seven-Year-Old Boy Dies in Father’s Arms
हाथों में जूते-चप्पल और नावों पर साइकिल लेकर स्कूल जा रहे छात्र - फोटो : अमर उजाला
हाथों में जूते-चप्पल और नावों पर साइकिल लेकर स्कूल जा रहे छात्र
पटियाली में बाढ़ का प्रकोप पिछले 50 दिनों से जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किए हुए है। इसके बावजूद, बाढ़ प्रभावित आठ गांवों के विद्यार्थियों का पढ़ाई के प्रति उत्साह और हौसला हर किसी को हैरान कर रहा है। तमाम दुश्वारियों के बीच ये छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे हैं।

 
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Flood Blocks Hospital Route Seven-Year-Old Boy Dies in Father’s Arms
गांवों में चारों तरफ पानी - फोटो : अमर उजाला
पटियाली के नगला जयकिशन, नगला दिपी, मूंझखेड़ा, नगला पनसोती, नगला जैली, नगला नरपत, नगला दुर्जन और राजेपुर कुर्रा जैसे गंगा खादर के गांवों में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। शुरुआती दिनों में स्कूल जाना पूरी तरह ठप था लेकिन नावों का बंदोबस्त होते ही बच्चों ने हार नहीं मानी।
 
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