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'ग्रीन आगरा' की पोल खोलतीं तस्वीरें: पेड़ों पर चली आरी, दो साल में खत्म 10 वर्ग किमी हरियाली

Thu, 15 Jul 2021 01:17 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 15 Jul 2021 01:17 PM IST
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ten square km of greenery ends in two years in Agra
आगरा शहर में दूर-दूर तक नजर नहीं आती हरियाली - फोटो : अमर उजाला

गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिए कराए गए पौधारोपण के दावों की हकीकत अमर उजाला उजागर कर चुका है। पौधारोपण के दावों और ग्रीन आगरा के नारे की कलई शहर की ये दो तस्वीरें खोल रही है, जिनमें तलाशने पर भी एक पेड़ नजर नहीं आ रहा। पुराने शहर की यह तस्वीर 'ग्रीन आगरा के नारे' की असल तस्वीर है। दो साल के अंदर ताजनगरी में वनक्षेत्र बढ़ने के उलट 10 वर्ग किमी खत्म हो गया। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट में आगरा में 9.38 वर्ग किमी हरियाली कम हुई है, जो बीते 10 सालों में सबसे ज्यादा है। इन दो वर्षों के दौरान ताजनगरी से 1.25 लाख पेड़ काट दिए गए।




संबंधित खबर- अमर उजाला पड़ताल: यहां तीन साल में कागजों पर लगे 86 लाख पौधे, जमीन पर खाली गड्ढे


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ten square km of greenery ends in two years in Agra
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

10 साल से घट रही है हरियाली
टीटीजेड होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने एक भी हरा पेड़ काटने पर रोक लगा रखी है, लेकिन शहर में दस साल में हरियाली लगातार कम हुई है। भारतीय वन सर्वेक्षण की साल 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक 10 वर्षों में आगरा में हरियाली 6.85 फीसदी से 6.69 फीसदी रह गई है। 4041 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले आगरा में 6.73 वर्ग किमी में वन और 272 वर्ग किमी में हरियाली है। मध्यम घनत्व वाले जंगलों में 0.32 वर्ग किलोमीटर और खुले जंगल में 9.06 वर्ग किलोमीटर की कमी आई है।

ten square km of greenery ends in two years in Agra
आगरा शहर - फोटो : अमर उजाला

1.25 लाख पेड़ काटे गए
एक दशक में आगरा में वन क्षेत्र 6.85 फीसदी से घटकर 6.69 फीसदी रह गया है, जबकि ताजमहल के कारण यह कम से कम 33 फीसदी होना चाहिए। वन विभाग ने तीन सालों में 86 लाख पौधे लगाने का दावा किया है लेकिन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, इनर रिंग रोड, माल रोड, नेशनल हाईवे, रेलवे, बिजली परियोजनाओं के लिए एक दशक में दनादन पेड़ काटे गए हैं। 1.25 लाख पेड़ों पर विभिन्न योजनाओं और प्रोजेक्ट में आरी चलाई जा चुकी है।

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सूरसदन चौराहा, आगरा - फोटो : अमर उजाला
साल     हरित क्षेत्र    किमी
2011    6.85%     276
2013    6.78%     273
2015    6.75%     273
2017    6.73%     272
2019    6.69%     262.6
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ten square km of greenery ends in two years in Agra
यहां पौधे रोपे गए थे, अब सिर्फ गड्ढे बचे हैं। - फोटो : अमर उजाला
'उतने पौधे रोपें जिनकी देखभाल हो सके'
पक्षी विशेषज्ञ एवं पर्यावरणविद केपी सिंह ने बताया कि पौधरोपण में संख्या किसी रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि उतने ही पौधे रोपे जाएं, जिनकी देखभाल आसानी से हो सके। स्थानीय प्रजाति के पौधे लगें ताकि आगरा की आबोहवा को बचा सकें। 
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