ताजमहल के शहर आगरा में तीन साल में कागजों पर 86 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, लेकिन हकीकत में मौके से पौधे गायब हैं। इनके लिए खोदे गए कुछ जगह गड्ढे जरूर दिखते हैं। प्रदेश सरकार ने रविवार को पूरे प्रदेश में 25 करोड़ पौधे लगाने का महाभियान चलाया, जिसमें लखनऊ से नोडल अधिकारी भी भेजे गए। तीन जगहों पर नगर निगम ने पौधे लगाए थे, वहीं अन्य विभागों ने भी पौधरोपण किया लेकिन उनका सत्यापन नहीं किया गया। आगरा में इस अभियान के तहत 45 लाख पौधों में से 38 लाख पौधे रविवार को लगाने का दावा किया गया। ऐसे ही दावे बीते वर्षों में किए गए। एक साल पहले लगाए गए पौधे अब बड़े हो जाने चाहिए थे, लेकिन अमर उजाला टीम ने जब उन जगहों पर जाकर पड़ताल की तो एक भी पौधा नजर नहीं आया। गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम दर्ज कराने की कवायद तो हुई, लेकिन अफसर जमीन पर पौधों की जड़ें नहीं जमा सके।
अमर उजाला पड़ताल: यहां तीन साल में कागजों पर लगे 86 लाख पौधे, जमीन पर खाली गड्ढे
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बीते साल यहां नगर निगम ने कराया था पौधरोपण
आगरा कॉलेज
पौधरोपण दावा : 1000
गड्ढे मिले : 280
पौधे मिले : 0
अवधपुरी डिवाइडर
पौधरोपण दावा : 2800
गड्ढे मिले : 300
पौधे मिले : 0
पौधरोपण दावा : 35000
गड्ढे मिले : 2000
पौधे मिले : 0
पौधरोपण के आंकड़े
38 लाख पौधे 2020 में लगे
28 लाख पौधे 2019 में लगाए
20 लाख पौधे 2018 में लगाए
'सख्ती से निगरानी रखेंगे'
डीएफओ आगरा अखिलेश पांडेय ने कहा कि बीते साल हमने जो पौधे लगाए, उनमें से कुछ मृत हुए तो उनकी जगह नए लगाए हैं, लेकिन अन्य विभागों ने जो पौधे लगाए हैं, उसकी रिपोर्ट मेरे पास नहीं है। हाल में ही चार्ज लिया है, जिओ टैगिंग, सत्यापन रिपोर्ट देखकर ही बता सकूंगा। जो पौधे इस साल लगाए जाएंगे, उनमें कोई गड़बड़ी नहीं कर पाएगा, इसकी सख्ती से निगरानी रखेंगे।
'कोरोना काल में बंद थे स्कूल'
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने कहा कि बीते साल कोरोना काल में विद्यालय बंद रहे थे। शिक्षक भी नहीं पहुंचे, ऐसे में बीते साल के पौधरोपण को नुकसान हुआ है। जहां बाउंड्री थी, वहां तो 75 फीसदी पौधे बच गए, लेकिन बाउंड्री नहीं है, वहां नहीं बच सके। इस बार के पौधरोपण को बचाने का प्रयास होगा।
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने कहा कि बीते साल नगर निगम ने जहां पौधे लगाए, बारिश कम होने से वह बच नहीं पाए। व्यावहारिक दिक्कत ये है कि पौधरोपण अभियान के तहत लगे पौधों की देखरेख के लिए कोई बजट नहीं है। नगर निगम इसीलिए ट्रीगार्ड के साथ हर साल पौधा लगाता है, जिसकी 3 साल की देखरेख तय होती है।