ताजमहल में दो से चार अप्रैल तक शाहजहां का उर्स आयोजित किया जाएगा। शाहजहां उर्स से जुड़ी कमेटियों और अधिकारियों के बीच शनिवार को बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि आखिरी दिन ताजमहल बंद होने तक चादरपोशी नहीं रोकी जाएगी। चार अप्रैल को हिंदुस्तानी सतरंगी चादर पेश की जाएगी।
ताजमहल में एएसआई कार्यालय में हुई बैठक में बताया गया कि दो से चार अप्रैल तक शाहजहां मुमताज की भूमिगत मुख्य कब्रें खोली जाएंगी। ये कब्रें पूरे साल बंद रहती हैं। दो अप्रैल को दोपहर दो बजे गुस्ल होगा। उर्स के दौरान तीनों दिन भूमिगत असली कब्रें पर्यटक देख सकेंगे। तीन अप्रैल को दोपहर दो बजे के बाद संदल चढ़ाने, मिलाद शरीफ, कव्वाली का आयोजन होगा।
चार अप्रैल को सुबह कुल शरीफ की रस्म होगी। कुरआन ख्वानी और चादरपोशी की जाएगी। शाम को ताजमहल बंद होने तक देशभर के लोग चादरपोशी के लिए आएंगे। खुद्दाम ए रोजा कमेटी की ओर से हिंदुस्तानी सतरंगी चादर पेश की जाएगी।
दो और तीन अप्रैल को दोपहर दो बजे के बाद ताज में प्रवेश निशुल्क रहेगा, वहीं चार अप्रैल को पूरे दिन निशुल्क प्रवेश किया जा सकेगा।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
सीआईएसएफ और पुलिस ने कमेटियों को हिदायत दी है कि भीड़ की आड़ में कोई प्रतिबंधित सामान अंदर नहीं ले जाया जाए। चादरों के साथ 36 इंच से बड़ा ढोल नहीं जाएगा।