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संगीता हत्याकांडः पंचायत में शामिल आरोपियों की नहीं हुई पहचान, एससी-एसटी एक्ट से भी परिवार परेशान
Sun, 18 Oct 2020 09:43 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 18 Oct 2020 09:43 AM IST
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मृतका संगीता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के थाना ताजगंज के पुष्पाजंलि ईको सिटी कॉलोनी में पूर्व फौजी अनिल कुमार रजावत की पत्नी संगीता को जिंदा जलाने के मामले में एक सप्ताह बाद भी पंचायत में शामिल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस कॉलोनी के लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा चुके हैं। इसके बावजूद किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। वहीं चौकी प्रभारी दरोगा योगेश कुमार पर रिश्वत लेने के आरोप लगने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पीड़ित परिवार में आक्रोश है।
सेवानिवृत्त फौजी अनिल कुमार और उनकी पत्नी संगीता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व फौजी अनिल कुमार रजावत और पड़ोसी भरत खरे के बच्चों के बीच छह अक्तूबर को विवाद के बाद एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद कॉलोनी में रविवार को पंचायत हुई थी। पंचायत के बाद अनिल की पत्नी संगीता जल गई थीं। सोमवार को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर भरत खरे, उसकी पत्नी सुनीता सहित चार नामजद आरोपियों को जेल भेजा गया था। मुकदमे में 12 आरोपी अज्ञात भी हैं।
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मृतका संगीता की फाइल फोटो, मौके पर पहुंचे एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना को एक सप्ताह बीत गया है। इसके बावजूद पंचायत में शामिल अज्ञात लोगों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने कॉलोनी के लोगों से भी बात की थी। फुटेज भी देखे थे। मगर, पंचायत में बाहर से आए लोगों के अब तक नाम सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने सिर्फ नामजद आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि भरत खरे की तरफ से अज्ञात लोग कॉलोनी में आए थे। उन्होंने बेइज्जत किया था। माफी मांगने पर भी पैर छुलवाए थे।
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बोत्रे, रोहन प्रमोद, एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, परिजनों का कहना है कि गलत तरीके से दर्ज कराया गया एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा अब तक खत्म नहीं किया गया है। जांच में देरी कर मामले को ठंडा करने की कोशिश की जा रही है।
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मृतक महिला का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई नहीं
अनिल कुमार ने आरोप लगाया था कि एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद चौकी प्रभारी योगेश कुमार ने चौकी पर बुलाया। यहां पर पत्नी से 60 हजार रुपये लिए। इसके बाद ही चौकी से छोड़ा था। कहा था कि मुकदमा खत्म कर देंगे। चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। कार्रवाई न होने क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी आक्रोशित हैं। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं भूतपूर्व सैनिक भी सोमवार को कलक्ट्रेट में बैठक करेंगे।
अनिल कुमार ने आरोप लगाया था कि एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद चौकी प्रभारी योगेश कुमार ने चौकी पर बुलाया। यहां पर पत्नी से 60 हजार रुपये लिए। इसके बाद ही चौकी से छोड़ा था। कहा था कि मुकदमा खत्म कर देंगे। चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। कार्रवाई न होने क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी आक्रोशित हैं। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं भूतपूर्व सैनिक भी सोमवार को कलक्ट्रेट में बैठक करेंगे।