फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

फिरोजाबाद उपद्रव: पुलिस को मृतक और 90-90 साल के बुजुर्गों से 'खतरा', भेजे नोटिस

Sat, 04 Jan 2020 10:44 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 04 Jan 2020 10:44 AM IST
विज्ञापन
police sent notices to the person who died six years ago in firozabad  violence
93 वर्षीय फसाहत मीर खां - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद उपद्रव में पाबंद किए गए लोगों द्वारा जमानत नहीं करवाने पर पुलिस व प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है, लेकिन इस कार्रवाई पर सवाल भी उठे रहे हैं। क्योंकि जिन लोगों पर यह कार्रवाई की गई है, उनमें एक मृतक का नाम है तो कई ऐसे बुजुर्ग शामिल हैं, जो चल-फिर नहीं सकते हैं। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
police sent notices to the person who died six years ago in firozabad  violence
फिरोजाबाद बवाल की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जमकर उपद्रव हुआ था। जिसमें छह लोगों की जान चली गई थी। कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। उपद्रव के दौरान बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संपत्ति को नष्ट कर दिया गया था। पुलिस ने उपद्रव में 49 मुकदमे दर्ज किए हैं, वहीं उपद्रव के बाद शांतिभंग में कार्रवाई करते हुए 199 लोगों को नोटिस भेजे।
police sent notices to the person who died six years ago in firozabad  violence
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जिन लोगों को नोटिस भेजे गए, उनमें मृतक बन्ने खां का नाम भी शामिल है। जबकि बाजी वाली गली निवासी बन्ने खां की मृत्यु छह साल पहले हो चुकी है। इस मामले को एसएसपी सचिंद्र पटेल ने गंभीरता से लिया। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी प्रबलप्रताप सिंह ने इसकी जांच सीओ सिटी डॉ.अरुण कुमार सिंह को सौंपी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
police sent notices to the person who died six years ago in firozabad  violence
फसाहत मीर खां से हाल जानते प्रसपा नेता - फोटो : अमर उजाला
90 वर्ष के उम्र वाले दो अन्य व्यक्तियों को भी नोटिस भेजा गया। इनमें सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के सचिव सूफी अंसार हुसैन (90 वर्षीय) और मौलाना आजाद निश्वां गर्ल्स इंटर कालेज के संस्थापक फसाहत मीर खां (93 वर्षीय) शामिल हैं। फसाहत मीर बीमार हैं और चारपाई से उठ नहीं सकते। उधर, इन मामलों को लेकर सपा ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। 
विज्ञापन
police sent notices to the person who died six years ago in firozabad  violence
सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन व अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने कहा कि यदि सूफी अंसार हुसैन एवं फसाहत मीर खां जैसे अमन पसंद लोगों का नाम उपद्रव भड़काने वालों की सूची में शामिल करके 10-10 लाख के नोटिस चस्पा किए हैं तो फिर जिले में एक भी नागरिक अमनपसंद नहीं है। बन्ने खां की छह वर्ष पूर्व मौत होने के बाद उन्हें पाबंद कर दिया। पुलिस की किसी बात पर विश्वास करना बेमानी है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed