कोसीकलां के गांव हुलवाना निवासी जवान रामवीर की शहादत पर हर किसी को गर्व है। शनिवार को शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान जब लोगों के आंसू थम नहीं रहे थे तो पिता किशोर सिंह ने ऐसी बात कही, जिससे गांव वासियों का सीना गर्व से और चौड़ा हो गया। पिता किशोर सिंह ने कहा कि शेर था रामवीर, कोई रोएगा नहीं।
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
गांव हुलवाना का जवान रामवीर बेनीवाल जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से लड़ते लड़ते शहीद हो गया था। शनिवार दोपहर को सेना की टुकड़ी जब इस जांबाज के पार्थिव शरीर को लेकर जिले की सीमा में दाखिल हुई तो हर तरफ पुष्पवर्षा की गई। क्या बच्चे और क्या बड़े। सभी जय हिंद की पुकार कर रहे थे। जब अंतिम यात्रा गांव में पहुंची तो यहां हर किसी की आंख नम हो गई थी।
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
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शहीद के पिता किशोर सिंह का कहना है कि रामवीर ने देश की सुरक्षा में शहादत दी है। उसने दुश्मनों की गोलियों का सामना किया। सीने पर गोलियां खाई हैं, ऐसे जांबाज शहीद को रोकर अंतिम विदाई नहीं देंगे। गांव वालों ने शहीद रामवीर के परिवार की बात पर अमल किया। पूरे गांव की हर गली शहीद के सम्मान में सजी हुई थी। जगह-जगह रामवीर की शहादत के पोस्टर लगाए गए थे।
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शहादत को सलाम
- फोटो : अमर उजाला
शहीद की अंतिम यात्रा जब बठैन गेट से चली तो हर शख्स साथ हो लिया। रास्ते में महिलाएं आंखों में आंसू लिए हाथ जोड़कर अपने लाड़ले के अंतिम दर्शन के लिए खड़ी थी। भाई रामवीर अमर रहे के नारे लगाए। दिल में बस एक बात का गुबार था कि सरकार ने अभी तक पाकिस्तान को सबक नहीं सिखाया है।
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शहीद का पार्थिव शरीर लाते हुए सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
शहीद के बचपन के दोस्त कपिल का कहना था कि जब भी रामवीर गांव आता था तो वो गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करता था। वो जितने दिन भी गांव रहता था वो गांव के युवाओं को सुबह उठाकर दौड़ के लिए ले जाता था। रामवीर बातचीत के दौरान देश या सेना के खिलाफ कुछ भी सुनता था।