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यूपी: 'इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या होगा...', आगरा में अजन्मे की मौत पर अखिलेश यादव की पोस्ट; जो हो रही वायरल

Wed, 09 Sep 2026 12:31 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 09 Sep 2026 12:31 PM IST
सार

बाह के गढ़वार गांव में प्रसूता को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस के सड़क के गड्ढे में फंसने और बाद में नवजात की मौत के मामले पर अखिलेश यादव की फेसबुक पोस्ट से हलचल बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन ने एंबुलेंस के महज 15-20 मिनट देरी से पहुंचने और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है।
 

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Akhilesh Yadav’s Post Sparks Stir Even the Unborn Are Paying the Price of Corruption
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सिस्टम की सुस्ती और प्रशासनिक लापरवाही ने 2 सितंबर को गढ़वार गांव के एक अजन्मे की जिंदगी छीन ली थी। सड़क के गड्ढे में एंबुलेंस फंसने से प्रसूता निधि समय से अस्पताल नहीं पहुंच सकी थी। नतीजतन गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई थी। सोमवार रात सपा मुखिया अखिलेश यादव की फेसबुक पोस्ट ‘इससे दुर्भाग्यपूर्ण क्या होगा कि भाजपा के भ्रष्टाचार की वजह से वो भी मारे जा रहे हैं, जिन्होंने अभी जन्म भी नहीं लिया है’ ने हलचल बढ़ा दी है।
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गढ़वार गांव के भानु प्रताप सिंह, विभूत नरायन सिंह, रिक्की सिंह, अमित कुमार, हरेंद्र सिंह आदि शनिवार को समाधान दिवस में दर्ज कराई शिकायत में कहा था कि 2 सितंबर की रात गढ़वार गांव के प्रवेंद्र की पत्नी निधि को प्रसव पीड़ा हुई थी। रात 1 बजे परिजन ने कॉल कर एंबुलेंस बुलाई थी। कुछ देर में ही पहुंची एंबुलेंस गांव के मुख्य मार्ग पर बने गड्ढे में फंस गई थी। दावा किया कि ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से करीब दो घंटे तक मशक्कत कर एंबुलेंस को बाहर निकाला था। इसके बाद परिजन प्रसूता को लेकर पहले जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, फिर बाह के निजी अस्पताल ले गए।
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परिजन ने दावा किया था कि डॉक्टर ने प्रसव में देरी के कारण नवजात की मौत हो गई। मंगलवार को जैतपुर के अधीक्षक डॉ. दीपक यादव, बाह के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा मृतक नवजात के घर पर पहुंचे। मृतक नवजात के पिता का बयान दर्ज किया। उसके बाद बाह के एसडीएम विनोद कुमार पहुंचे। उन्होंने पूछताछ के बाद दावा किया कि बारिश से क्षतिग्रस्त पुराने संपर्क मार्ग पर एंबुलेंस को महज 15-20 मिनट के विलंब पर प्रसूता को सुरक्षित जैतपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया था।
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मौजूद चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ ने प्रसूता को भर्ती किया था। प्रारंभिक परीक्षण में जच्चा बच्चा की स्थिति सामान्य पाई गई थी। चिकित्सीय निगरानी में रखा गया था। सुबह 5 बजे परिजन प्रसूता स्वेच्छा से बाह के निजी चिकित्सालय ले गए थे। प्रसव में नवजात बच नहीं सका था। उन्होंने किसी भी स्तर पर चिकित्सीय उपेक्षा या घंटों तक मार्ग अवरुद्ध होने की बात के दावे को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए संपर्क मार्ग को लोक निर्माण विभाग ने दुरुस्त करा दिया है। प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की गई है।


निजी अस्पताल पहुंचे एसीएमओ, संचालन पर लगाई रोक
गढ़वार की निधि को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर से परिजन अपनी इच्छा से बाह के श्याम जी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। निधि का प्रसव श्याम जी हॉस्पिटल में ही हुआ था। एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने अस्पताल की जांच की। अभिलेख मांगे, अलमारी की चाबी न होने की वजह से संचालक ने अभिलेख दिखाने में असमर्थता जताई। एसीएमओ ने बताया कि अस्पताल पंजीकृत तो है, लेकिन संचालक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। नतीजतन अभिलेख उपलब्ध कराने तक अस्पताल के संचालन को बंद रखने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में निधि के प्रसव की पुष्टि हुई है। नवजात की मौत की वजह की जांच हो रही है। जांच के बाद असल वजह सामने आ सकेगी।
 
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