दशानन को कोरोना का डर है, इससे बचाव के लिए वह मास्क पहनकर आएगा...। आगरा में लोगों को जागरूक करने के लिए कारीगरों ने इस तरह के पुतले बनाए हैं। इस बार रामलीला मैदान में दशानन का दहन नहीं होगा, लेकिन गली-मोहल्ले में पुतले जलाए जाएंगे। ये पुतले तीन फीट से लेकर 15 फीट तक के हैं।
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मास्क वाला रावण का पुतला
- फोटो : अमर उजाला
रावण के पुतले पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल हैं। इसमें बांस की खपच्ची और कागज का प्रयोग किया गया है। घटिया आजम खां पर पुतले बेच रहे संतोष कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की अपील के बावजूद काफी लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। न ही बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। इसलिए मास्क पहने पुतले तैयार कराए हैं।
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मास्क वाले रावण का पुतले
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि लोग देखें कि रावण भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहन रहा है और खुद भी कारोना से बचाव के लिए प्रेरित हों। उन्होंने बताया कि फिलहाल 200 पुतलों की बुकिंग है। जो पिछले वर्ष से 50 फीसद है। पर्व पर मांग बढ़ने की उम्मीद है। करीब दो लाख रुपये का कारोबार होता है।
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रावण के पुतले पर मास्क लगाता कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
पुतला विक्रेता गोपाल कुमार ने बताया कि पुतले पूरी तरह से बांस और कागज से तैयार किए हैं। प्लास्टिक का उपयोग नहीं है। तीन फीट से लेकर 15 फीट तक के पुतले की कीमत 500 से लेकर 3000 रुपये तक है।
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पुतला विक्रेता
- फोटो : अमर उजाला
पुतला विक्रेता राकेश कुमार ने बताया कि दशहरा के बाद दीपावली की तैयारियों में जुट जाएंगे। इसके लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां तैयार की जाएंगी। त्योहार में अच्छा काम चलने की उम्मीद है।