आगरा के बटेश्वर में रविवार की शाम दीपों की राशनी के साथ अठखेलियां करती कालिंदी की लहरें, भक्तों के मुख पर यमुना मैया और कैलाशपति के जयघोषों ने देव दिवाली की भव्यता बढ़ा दी। इसी के साथ तीर्थराज बटेश्वर में उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। बटेश्वर के घाट 21 हजार दीपों से जगमग हो उठे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में ब्रज की रास लीला का मंचन किया गया।
शहर में रविवार को कैलाश मंदिर के मौनी घाट पर दीपदान, यमुना मैया की आरती व अभिषेक हुआ। सैकड़ों की संख्या में भक्त कार्यक्रम में पहुंचे। केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति, पूरन डावर, रेणुका डंग, बबिता चौहान, हरिहर पुरी, बंटी ग्रोवर, महंत गौरव गिरि, निर्मला दीक्षित, विजय शिवहरे आदि भक्तों ने यमुना में दीपदान किए। घाटों पर बिखरी रोशनी की छटा ने सबका मन मोह लिया। संयोजक महंत निर्मल गिरी ने मंत्रोचार के साथ यमुना मैया का पूजन करवाया।
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दीपक को जलातीं जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया
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उत्तर भारत के प्रमुख मेला श्री बटेश्वरनाथ का रविवार की शाम जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए अतिथियों ने कहा कि बटेश्वर दुनिया के पर्यटन मानचित्र में दिखेगा। प्राचीन मेले का वैभव लौटेगा।
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बटेश्वर घाट पर जलते दीये
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जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि बटेश्वर की विरासत को सहेजने को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं पर्यटन मंत्री ने 125 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जिला पंचायत ने मेले का प्राचीन वैभव लौटाने की दिशा में सार्थक पहल की है। प्राचीन लोक परंपराएं, लोक कलाएं और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित आयोजित होंगे।
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बटेश्वर घाट पर हुई यमुना मैया की आरती
- फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर में रविवार की रात घाट पर अयोध्या के दीपोत्सव जैसा नजारा दिखाई दिया। 21 हजार दीयों से जगमगाई 101 शिव मंदिर श्रृंखला का नजारा सभी को रोमांचित कर गया। एक साथ जलते दीयों से यमुना के घाट जगमगा उठे। बैकुंठ चौदस पर बटेश्वर के मंदिर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालु दर्शन-पूजन और यमुना में दीपदान के लिए पहुंचे।
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बटेश्वर घाट
- फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर मेले में हजारों की संख्या में आस-पास के जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यूपी रोडवेज ने आने-जाने वाले लोगों के लिए करीब 100 बसों की व्यवस्था की है। बसों के लिए अस्थाई बस स्टैंड बनाया गया है। प्रशासन द्वारा निजी बसों के लिए भी निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई है।