आगरा के रुनकता स्थित उत्तम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के परिसर में शुक्रवार को अमर उजाला के सहयोग से आयोजित ‘अवसर एंटरप्रेन्योरशिप फेयर’ में विशेषज्ञों ने जूता उद्योग, लघु उद्योग, डेयरी, पशुपालन, डिजिटल व्यवसाय की जानकारियां दीं। छात्र-छात्राओं को सफल उद्यमी बनने के टिप्स दिए। अपने अनुभव साझा किए। छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों से सवाल करके अपनी जिज्ञासा शांत की। फेयर में अपना उद्यम लगाने के इच्छुक 300 लोगों ने पंजीकरण भी करवाया।
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अवसर एंटरप्रेन्योरशिप फेयर: कैसे शुरू करें अपना उद्यम, विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को दिए टिप्स
Sat, 19 Dec 2020 12:06 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 19 Dec 2020 12:06 AM IST
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अवसर एंटरप्रेन्योरशिप फेयर 2020
- फोटो : अमर उजाला
एफमेक के अध्यक्ष निर्यातक पूरन डावर
- फोटो : अमर उजाला
किसी काम को छोटा न समझें: डावर
आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) के अध्यक्ष निर्यातक पूरन डावर ने लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री क्षेत्र से जुड़ी असीमित संभावनाओं की चर्चा की। बताया कि आगरा में लेदर एवं फुटवियर का कारोबार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जिसमें छह बिलियन का निर्यात शामिल है। उन्होंने कहा कि किसी काम को छोटा नहीं समझें। शुरुआत छोटे से ही होती है। युवा उद्यमियों के लिए इस व्यवसाय में काफी संभावनाएं हैं।
आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) के अध्यक्ष निर्यातक पूरन डावर ने लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री क्षेत्र से जुड़ी असीमित संभावनाओं की चर्चा की। बताया कि आगरा में लेदर एवं फुटवियर का कारोबार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जिसमें छह बिलियन का निर्यात शामिल है। उन्होंने कहा कि किसी काम को छोटा नहीं समझें। शुरुआत छोटे से ही होती है। युवा उद्यमियों के लिए इस व्यवसाय में काफी संभावनाएं हैं।
एमएसएमई के निदेशक टीआर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
लघु उद्योगों को आसानी से मिल रहा ऋण: शर्मा
लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विभाग (एमएसएमई) के निदेशक टीआर शर्मा ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के बीच के अंतर को समझाया। उन्होंने बताया कि विभाग न केवल प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद करता है, बल्कि अनुदान भी देता है। उन्होंने डेयरी उद्योग, मशीनरी, केमिकल उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण जैसे उपक्रमों के लिए कई ऋण योजनाएं हैं। उद्यम शुरू करने के इच्छुक लोग उनके कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण कराने के बाद विभाग सूचना भी देता है।
लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विभाग (एमएसएमई) के निदेशक टीआर शर्मा ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के बीच के अंतर को समझाया। उन्होंने बताया कि विभाग न केवल प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद करता है, बल्कि अनुदान भी देता है। उन्होंने डेयरी उद्योग, मशीनरी, केमिकल उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण जैसे उपक्रमों के लिए कई ऋण योजनाएं हैं। उद्यम शुरू करने के इच्छुक लोग उनके कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण कराने के बाद विभाग सूचना भी देता है।
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सीएफटीआई के निदेशक सनातन साहू
- फोटो : अमर उजाला
जूता निर्माण में बहुत अवसर: साहू
केंद्रीय पादुका प्रशिक्षण संस्थान (सीएफटीआई) के निदेशक सनातन साहू ने बताया कि जूता निर्माण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। आगरा से लगभग 3500 करोड़ रुपये का जूता निर्यात किया जाता है। जूते से संबंधित सैकड़ों कंपोनेन्ट्स हैं, जिनकी ट्रेडिंग की जा सकती है। संस्थान में शू डिजाइनिंग और कंपोनेन्ट्स बनाने के लिए उत्तम इंस्टीट्यूट के छात्रों को नि:शुल्क प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भी दिया।
केंद्रीय पादुका प्रशिक्षण संस्थान (सीएफटीआई) के निदेशक सनातन साहू ने बताया कि जूता निर्माण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। आगरा से लगभग 3500 करोड़ रुपये का जूता निर्यात किया जाता है। जूते से संबंधित सैकड़ों कंपोनेन्ट्स हैं, जिनकी ट्रेडिंग की जा सकती है। संस्थान में शू डिजाइनिंग और कंपोनेन्ट्स बनाने के लिए उत्तम इंस्टीट्यूट के छात्रों को नि:शुल्क प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भी दिया।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट नितेश गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
कम पूंजी से शुरू करें व्यवसाय: गुप्ता
चार्टर्ड अकाउंटेंट नितेश गुप्ता ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की उद्यमियों को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की योजनाओं और उनसे जुड़ी सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कम से कम पूंजी में व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। उन्होंने मुद्रा योजना, कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी दी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट नितेश गुप्ता ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की उद्यमियों को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की योजनाओं और उनसे जुड़ी सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कम से कम पूंजी में व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। उन्होंने मुद्रा योजना, कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी दी।