आगरा में धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार यूं ही धर्मांतरण नहीं करा रहा था। कई लोग रुपयों के लिए उसका साथ दे रहे थे। यह सभी अन्य लोगों को सभा में आने के लिए तैयार करते थे। गूगल मीट के माध्यम प्रार्थनासभा में जोड़ते थे। यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड करके ईसाई धर्म का प्रचार किया करते थे। सभा में कई शहरों के साथ ही स्पेन और दुबई के लोग भी जुड़ जाते थे। पुलिस ने आरोपी राजकुमार के पास से डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। इनमें कई लोगों के नाम और नंबर की जानकारी मिली है। उसकी पड़ताल की जा रही है।
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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाला आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी सिटी ने बताया कि राजकुमार का साथ अनूप कुमार (पंचशील कालोनी, दौरेठा), जयकुमार (राधे हाईट्स, शास्त्रीपुरम), अरुण कुमार (बारह खंबा, सराय ख्वाजा) और कमल कुंडलानी (राहुल ग्रीन, दयालबाग) और आरोपी तीन महिलाएं दिया करती थीं। सभी लोग अलग-अलग इलाके में जाते थे।
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कुछ इस तरह कराया जाता था धर्मांतरण
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'एक बार सभा में आओगे तो होगा बहुत लाभ'
गरीब और कम पढ़े लिखे लोगों से कहते थे कि एक बार सभा में आओगे तो बहुत लाभ होगा। सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। कीर्तन से आत्मा को शांति मिलेगी। रविवार को कोई व्यक्ति सभा में आ जाता था तो उसे हिंदू धर्म की मान्यताओं को नहीं मानने के लिए कहा जाता था। खाने में मीट भी परोसा जाता था।
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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाला आरोपी
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लोगों को यीशु का चमत्कार दिखाकर विश्वास में लेता था राजकुमार
दावा किया जाता था कि अगर ईसाई धर्म अपना लोगे तो पूरे परिवार की बीमारी और कष्ट दूर हो जाएंगे। राजकुमार लालवानी भी लोगों को यीशु का चमत्कार दिखाकर अपने विश्वास में लेता था। महिला साथियों की मदद से झाड़-फूंक का नाटक करता था। बीमारी दूर करने के लिए कई बार लोगों से पांच से दस हजार तक लिए जाते थे।
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पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाले आरोपी
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आरोपियों से यह हुआ बरामद
15 बाइबिल, तीन ईसाई गीतों की किताब, चार डायरी, आठ कॉपी व रजिस्टर, छह मोबाइल, दो लग्जरी कार और 13,165 रुपये।