उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में पुनर्जन्म का मामला सामने आया है। यहां औंछा थाना क्षेत्र के गांव नगला सलेही निवासी प्रमोद कुमार गुरुवार को उस समय स्तब्ध रह गए, जब घर पहुंचे एक आठ साल के बालक ने उन्हें पिता कहकर बुलाया। प्रमोद पहले तो कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जब बालक ने बताया कि नहाते वक्त उसकी नहर में डूबकर मौत हो गई थी। इतना सुनते ही प्रमोद और उनकी पत्नी ने बालक को गले लगा लिया। उनकी आंखें छलक आईं।
प्रमोद कुमार ने बताया कि उनके पुत्र रोहित की 13 वर्ष की उम्र में वर्ष 2013 में नहर में डूबने से मौत हो गई थी। उनके इकलौते बेटे की मौत के बाद वह बेटी के सहारे ही जीवन बिता रहे थे। उनका बेटा माध्यमिक विद्यालय सलेही में पढ़ता था। आसपास के लोग भी बच्चे की पुनर्जन्म की बातें सुनकर हैरान थे। उसने जो कुछ भी बताया, ग्रामीणों के अनुसार वो सब सही है। इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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पुनर्जन्म का दावा करने वाला बालक चंद्रवीर
- फोटो : अमर उजाला
बालक को साथ लेकर गांव पहुंचे नगला अमर सिंह निवासी रामनरेश ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व उनके घर बेटे का जन्म हुआ। उसका नाम चंद्रवीर रखा। जब वह बोलने लगा तो अपने पुनर्जन्म की बातें उन्हें बताने लगा।
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पिता रामनरेश के साथ चंद्रवीर
- फोटो : अमर उजाला
वह अक्सर गांव नगला सलेही आकर माता-पिता से मिलने की जिद करता रहता था, लेकिन वह बेटे को खोने के डर की वजह से उसे साथ नहीं ला रहे थे। अब वह बच्चे की जिद के आगे मजबूर होकर उसे लाए हैं।
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पिता रामनरेश के साथ चंद्रवीर
- फोटो : अमर उजाला
बालक के पुनर्जन्म की बातों को सुनने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र थी। इस बीच वहां से नगला सलेही विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभाष यादव आ गए। उन्हें देखकर बालक ने उनके पैर छूकर नाम से संबोधित किया।
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ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानाध्यापक सच जानने के लिए बच्चे को विद्यालय ले गए तो उसने पूर्वजन्म में अपनी कक्षा के बारे में भी बताया। अपने पुनर्जन्म के माता-पिता के पास वह बेहद खुश नजर आया और उन्हें कई बातें बताईं। जिसे सुनकर सभी लोग हैरान हैं।