कोटखाई में गुडि़या गैंगरेप और हत्या मामले में पुलिस जांच से नाखुश आक्रोशित भीड़ ने शुक्रवार को ठियोग में जमकर हंगामा किया। बेकाबू भीड़ ने ठियोग थाने पर जमकर पथराव किया। एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी से धक्कामुक्की की जबकि एक दारोगा को भीड़ घसीटकर ले गई और उनके स्टार नोच लिए। बीचबचाव में कई पुलिस वालों की वर्दियां फट गईं जबकि चार पुलिस कर्मचारी चोटिल हो गए। पुलिस वालों ने बड़ी मुश्किल से एसपी को थाने के भीतर पहुंचाया और गेट बंद कर दिया। इसी बीच उग्र भीड़ ने एसपी और डीएसपी समेत कई पुलिस गाडि़यों को तोड़ दिया।
ठियोग में उग्र प्रदर्शन से सरकार के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में सचिवालय में आपात बैठक बुलाई गई। सीएम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। उग्र भीड़ को शांत करने के लिए बैठक से ही एक आला अधिकारी ने मोबाइल फोन पर सीबीआई को जांच सौंपने की बात की लेकिन भीड़ ने आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय सुनाया। शासन ने सीबीआई जांच को लेकर जारी अधिसूचना की कॉपी फैक्स से ठियोग भेजी। मौके पर मौजूद एक प्रशासनिक अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को कॉपी दिखाई, जिसके बाद आंदोलन शांत हो गया।
पुलिस की अभी तक की जांच को लेकर उठे गंभीर सवालों के बाद लोगों ने ठियोग थाने का घिराव कर सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस की गाडि़यां तोड़ीं और पांच घंटे एनएच पर चक्का जाम कर दिया। ठियोग एनएच पर सुबह 11 से दोपहर बाद 4 बजे तक चक्का जाम रहा।
ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी ने बताया कि सुबह 11 से दोपहर 4 बजे तक आंदोलनकारियों ने चक्का जाम रखा। पुलिस की तीन गाडि़यां तोड़ी गई हैं। इनमें एसपी और डीएसपी की गाड़ी भी शामिल है। एक गाड़ी बाल अधिकार संरक्षण विभाग की तोड़ी गई है। कितने निजी वाहनों को तोड़ा गया है, फिलहाल इसकी सूचना पुलिस को नहीं मिली हैै। आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस बल तैनात कर दिया था लेकिन प्रदर्शनकारियों पर किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। ठियोग थाने पर पथराव भी किया गया और चार पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं। पुलिस ने किसी भी आंदोलनकारी पर मामला दर्ज नहीं किया है।
कोटखाई में गुडि़या प्रकरण के बाद पुलिस जांच से असंतुष्ट पब्लिक का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने ठियोग-हाटकोटी सड़क को लगभग तीन घंटे तक जाम कर दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। गुडि़या प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाने की मांग उठाई। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की जांच सीबीआई से नहीं करवाई गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।