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दो पेपरों में फेल अभ्यर्थियों का खराब नहीं होगा साल, शिक्षा बोर्ड ने दी बड़ी राहत

Sat, 04 May 2019 03:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 04 May 2019 03:35 PM IST
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HPBOSE Dharamsala Relief to students failed in Two Subjects
फाइल फोटो

स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हजारों बच्चों का एक साल बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मार्च-2019 की वार्षिक परीक्षाओं में दो पेपरों में फेल अभ्यर्थियों को जून माह में परीक्षा देने का मौका मिलेगा। 10वीं और 12वीं में दो पेपरों में फेल अभ्यर्थी जून में होने वाली परीक्षाओं में बैठ सकेंगे।

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फाइल फोटो

मार्च में हुई कंपार्टमेंट के दूसरे चांस की परीक्षा में फेल अभ्यर्थियों को भी गोल्डन चांस दिया गया है। दो चांस में कंपार्टमेंट न तोड़ पाने वाले अभ्यर्थी भी जून में होने वाली परीक्षा में बैठ सकते हैं। बोर्ड शीघ्र ही जून में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं को आवेदन करने सहित इसका शेड्यूल भी जारी कर देगा।

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फाइल फोटो

राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च-2019 में हुई मैट्रिक की परीक्षा में 111980 परीक्षार्थी बैठे थे। 10वीं की परीक्षा में 67319 ही पास हुए, जबकि 6395 परीक्षार्थी कंपार्टमेंट और शेष करीब 38266 बच्चे फेल घोषित हुए। इसके अलावा 12वीं में 95492 परीक्षार्थियों में से 58949 परीक्षार्थी पास घोषित हुए।

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HPBOSE Dharamsala Relief to students failed in Two Subjects
फाइल फोटो

12वीं में 16102 को कंपार्टमेंट और करीब 20441 परीक्षार्थी फेल घोषित हुए। बोर्ड के इस फैसले से फेल और कंपार्टमेंट के अंतिम चांस में भी पास न होने वाले हजारों परीक्षार्थियों का एक साल बचेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षा में दो पेपरों में फेल और कंपार्टमेंट अंतिम चांस में भी पास न होने वाले अभ्यर्थियों का एक साल बचाने के लिए एसओएस के माध्यम से परीक्षा आयोजित करेगा।

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डॉ. सुरेश कुमार सोनी - फोटो : फाइल फोटो

डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि जरुरी नहीं कि बच्चे पढ़ाई में कमजोर होने के कारण ही फेल हों। वार्षिक परीक्षाओं में बच्चों के समक्ष कई विपरीत परिस्थितियां आती हैं। इससे भी बच्चे फेल हो जाते हैं। ऐसे में इन बच्चों का एक साल बचाने के लिए बोर्ड ने जून माह में परीक्षा लेने का फैसला लिया है।

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