हरियाणा के भिवानी जिले के गांव धनाना की बेटी बॉक्सर नीतू घनघस ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में मंगोलिया की मुक्केबाज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। प्रदेश के मुक्केबाजी जगत के इतिहास में अब तक विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में किसी भी मुक्केबाज ने स्वर्ण पदक नहीं जीता था, जो इतिहास बदलने का काम नीतू ने किया है।
नीतू ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में चैंपियन बनने का खिताब अपने नाम किया है। रिंग में नीतू लगातार पंच बरसा रही थी और गांव धनाना में उनके परिजन, खेल प्रेमी खुशी से झूम रहे थे। नीतू के पदक जीतने पर परिजनों ने लड्डू बांट और आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की।
2 of 7
नीतू घणघस
- फोटो : अमर उजाला
नीतू का हौसला बढ़ाने के लिए ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह, द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच जगदीश सिंह, पिता जयभगवान घनघस, ताऊ कृष्ण, रणबीर सिंह, भाई अक्षित भी मैच दिखने पहुंचे। नीतू की मां मुकेश देवी ने बताया कि नीतू ने हर चैंपिनशिप में बेहतर प्रदर्शन किया है। अब महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपिनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उनसे देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि नीतू को उनके हाथ का बना देशी घी का चूरमा बहुत पसंद है। सब्जियों में करेला उसकी पहली पसंद है।
3 of 7
बॉक्सर नीतू
- फोटो : सोशल मीडिया
मैरीकॉम को हराने के बाद सुर्खियों आई थी नीतू
बॉक्सर नीतू घनघस के मुक्कों से अनुभवी एमसी मैरीकॉम भी लड़खड़ा गई थीं। रिंग में मैच के दौरान मैरीकॉम को घुटने में चोट लगने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के 48 किग्रा के ट्रायल के बीच में ही हटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। 6 बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम को सेमीफाइनल के पहले राउंड में ही नीतू ने धूल चटा दी। इसके बाद नीतू सबसे अधिक सुर्खियों में आई थी।
4 of 7
नीतू घणघस
- फोटो : सोशल मीडिया
वर्ष 2012 में किया था मुक्केबाजी का सफर शुरू
मुक्केबाज नीतू के पिता जयभगवान ने बताया कि वे विधानसभा में नौकरी करते हैं। महज 21 वर्षीय नीतू ने वर्ष 2012 में कोच जगदीश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। इसके बाद वह निरंतर मेहनत करती रही है और आज इस मुकाम पर पहुंची है। नीतू फिलहाल सीबीएलयू से एमपीएड की पढ़ाई कर रही है। उसकी छोटी बहन तमन्ना शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वहीं छोटा भाई अक्षित कुमार शूटिंग का खिलाड़ी है, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है।
5 of 7
नीतू घणघस
- फोटो : सोशल मीडिया
नीतू की प्रमुख उपलब्धियां
- वर्ष-2017 में वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप गुवाहाटी में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2018 में एशियन यूथ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष-2018 वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2022 में सोफिया बुल्गारिया में हुए स्ट्रेंडजा कप में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2022 में बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक।