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नई सुबह: 300 साल में पहली बार घोड़ी चढ़ा अनुसूचित समाज का युवक, इस गांव ने तोड़ीं परंपरा की बेड़ियां

Mon, 21 Jun 2021 05:37 PM IST
निवेदिता वर्मा आदेश चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
आदेश चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 21 Jun 2021 05:37 PM IST
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A scheduled caste youth climbed horse first time in his wedding in village govindpur history
गांव गोविंदपुर में घोड़ी चढ़ा युवक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा में रविवार को सामाजिक सद्भाव की एक नई मिसाल देखने को मिली। भिवानी के दादरी रोड स्थित एक छोटे से गांव गोविंदपुरा में रविवार को 300 साल पुरानी परंपरा की बेड़ियों को तोड़ दिया गया। गांव के अनुसूचित समाज के युवक विजय कुमार ने रविवार को गांव में घुड़चढ़ी निकाली और धूमधाम से बरात लेकर गांव से रवाना हुआ। यह सब गांव के सरपंच के सहयोग से संभव हो सका। 300 साल पहले दादरी रोड पर गोविंदपुरा गांव बसाया गया था। गांव में शुरुआत से ही दो जातियां हैं। गांव राजपूत बाहुल्य है और दूसरा अनुसूचित समाज है। गांव के सरपंच बीरसिंह ने बताया कि जब से गांव बसा है, तभी से यह परंपरा चली आ रही थी कि अनुसूचित समाज के लोग गांव में घुड़चढ़ी नहीं निकालेंगे। इस परंपरा को तोड़ते हुए गांव के युवक विजय कुमार की घुड़चढ़ी धूमधाम से निकाली गई। उसकी शादी रोहतक जिले में लाखनमाजरा निवासी पूजा के साथ हुई है। गांव में पूरी तरह शांति है और किसी ने इसका विरोध नहीं किया है।  

 
A scheduled caste youth climbed horse first time in his wedding in village govindpur history
गांव गोविंदपुर में शादी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विजय की हिम्मत से पूरा हुआ सरपंच का सपना
सरपंच बीरसिंह राजपूत ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले गांव में पंचायत की थी। पंचायत में फैसला किया था कि अब गांव में अनुसूचित समाज को घुड़चढ़ी निकालने से कोई नहीं रोकेगा। मगर इसके बावजूद लोग आगे नहीं आ रहे थे। पंचायत के फैसले के बावजूद लोग इन बेड़ियों में बंधे हुए थे। अब विजय ने हिम्मत दिखाई और घुड़चढ़ी निकालने के लिए मुझसे संपर्क किया। मैं तुरंत तैयार हो गया और इस काम को सिरे चढ़ाया। 
 
A scheduled caste youth climbed horse first time in his wedding in village govindpur history
सरपंच बीरसिंह राजपूत के प्रयास से घोड़ी चढ़ा विजय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनुसूचित समाज के परिवारों में खुशी का माहौल
विजय की घुड़चढ़ी के बाद गांव के अनुसूचित समाज के परिवारों में खुशी का माहौल है। विजय के बड़े भाई दयाचंद ने कहा कि अनुसूचित समाज में खुशी का माहौल है। 
 
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A scheduled caste youth climbed horse first time in his wedding in village govindpur history
गांव गोविंदपुर में शादी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूल्हे के चाचा नरसिंह फोरमैन ने कहा कि आज लग रहा है कि हमारी भी गांव में इज्जत है। गांव से स्नेह मिला है, उसके लिए आभारी हैं। पूर्व पंचायत सदस्य जयप्रकाश और जयभगवान का कहना है कि सरपंच बीरसिंह के प्रयासों से ये ऐतिहासिक बदलाव हो सका है। 
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A scheduled caste youth climbed horse first time in his wedding in village govindpur history
गांव गोविंदपुर में शादी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विजय कुमार की हिम्मत के चलते मैं यह परंपरा तोड़ने में कामयाब हुआ हूं। तीन साल से प्रयास कर रहा था, पर कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। गांव में पूरी तरह शांति है। किसी ने भी इस घुड़चढ़ी का कोई विरोध नहीं किया। भविष्य में लोगों के बीच इसी तरह प्यार और सद्भाव बना रहेगा। - बीरसिंह, सरपंच, गोविंदपुरा
 
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