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तस्वीरें: 41 दिन बाद दिल्ली के लोगों ने साफ हवा में ली सांस, नीला हुआ आसमान, दिनभर खिली धूप, मात्र 171 रहा एक्यूआई
Wed, 18 Nov 2020 06:49 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 18 Nov 2020 06:49 AM IST
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खुशनुमा मौसम का आनंद लेते दिल्लीवासी
- फोटो : अमर उजाला
करीब डेढ़ महीने से बेहद खराब हवा में सांस लेने को मजबूर राजधानी वासियों ने मंगलवार को 41 दिन बाद साफ हवा में सांस ली। वहीं, लंबे समय बाद आसमान का रंग भी नीला नजर आया और दिन भर धूप खिली रही। हवा की दिशा में बदलाव रफ्तार के साथ गत दिनों हुई बारिश ने दिल्ली को गंभीर श्रेणी की हवा से निजात दिलाते हुए 171 वायु गुणवता सूचकांक के साथ औसत श्रेणी में दर्ज कराया।
हुमायूं के मकबरे में खुशनुमा मौसम का आनंद लेते दिल्लीवासी
- फोटो : विवेक निगम
हालांकि, दिल्ली- एनसीआर में शामिल गुरुग्राम में 204 वायु गुणवता सूचकांक के साथ लोगों ने खराब हवा में सांस ली। एक दिन पहले यह आंकड़ा 246 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा मंगलवार को राजधानी का औसतन वायु गुणवता सूचकांक 171 दर्ज किया गया जबकि 1 दिन पहले 221 के आंकड़े के साथ यह खराब श्रेणी में रहा था।
दिल्ली में आसमान नीला दिखा।
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले छह अक्तूबर को वायु गुणवता सूचकांक औसत श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके बाद सात अक्तूबर से दिल्ली की हवा बिगड़ना शुरू हो गई थी, जिसके बाद से लगातार राजधानी में हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी से लेकर गंभीर श्रेणी में बना हुआ था। पृथ्वी के मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, इस समय हवाओं का रुख पश्चिमी- दक्षिण- पश्चिमी हो गया है साथ ही हवा की रफ्तार में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रदूषण के तत्वों को छंटने में मदद मिली है।
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फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुई बारिश ने भी दिल्ली- एनसीआर में प्रदूषण को कम करने में राहत प्रदान की है। वहीं, पिछले कई दिनों से दर्ज किए जा रहे पराली जलाने का अधिक मामलों में भी कमी पाई गई है। सफर के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में सिर्फ 98 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। जिसकी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 को उत्पन्न करने में सिर्फ तीन फीसदी हिस्सेदारी रही।
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फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
हालांकि, हवा की स्थिति में यह सुधार अधिक लंबे समय तक नहीं रहने वाला है। आगामी बुधवार से हवा एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। इस कड़ी में आगामी 19 और 20 नवंबर को हवा का स्तर खराब श्रेणी से लेकर बहुत खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है। सफर के आंकड़ों के अनुसार, शाम पांच बजे तक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 का स्तर 73.7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।