चोटी काटने की इतनी वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक यह पता नहीं लगा कि आखिर कौन ये काम कर रहा है। वहीं अब चोटी को कटने से बचाने का रास्ता भी निकाल लिया गया है।
हरियाणा में अब चोटी को कटने से बचाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जाएगा। सरकार ने पुलिस विभाग को आदेश जारी करके ठीकरी पहरा लगवाने को कहा है। सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को मामले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। बता दें कि प्रदेश में अभी तक चोटी काटे जाने के 55 कथित मामले सामने आ चुके, लेकिन ऐसा करने वाले का पता नहीं चला।
राजस्थान की सीमा से लगते महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और फतेहाबाद से शुरू हुईं ये वारदातें अब अन्य जिलों में भी बढ़ने लगी हैं। यहां तक कि पंजाब तक में चोटी कटने लगी हैं। लोगों में डर का माहौल है। महिलाओं के मुताबिक, किसी ने उन्हें बेहोश कर रहस्यमय तरीके से उनके बाल काट लिए। खास बात ये कि चोटी काटने वाला किसी को भी नजर नहीं आता।
शुक्रवार को हरियाणा में दो बच्ची, तीन छात्राओं सहित 11 महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके बाद से लोग घरों के दरवाजे पर नीम के पत्ते टांग रहे हैं। नींबू मिर्च बांधने लगे हैं। कुछ लोगों ने नीम के पत्ते लटकाए तो कुछ ने नींबू मिर्च। कुछ घरों में मुख्य दरवाजों पर हल्दी से हाथों की थापें लगा दी गई हैं। डर के मारे लोग सिर मुंडवाने लगे हैं। महिलाएं या तो बालों को खुला रखती हैं, या कपड़े से बांधकर रखती हैं।
जींद जिले के गांव खापड़ निवासी कौशल्या ने पुलिस को बताया कि परिवार की महिलाओं के साथ वह रात पौने आठ बजे परिवार के साथ आंगन में चारपाई पर बैठी थी। तभी काली बिल्ली दीवार फांदकर आंगन में आई। बिल्ली ने एक महिला का रूप धारण कर लिया। इसे देख उसकी बेटी चिल्लाई तो महिला बिल्ली बनकर भाग गई। इसी बीच उसके बाल कट गए। सिरसा में मेला ग्राउंड निवासी चार साल की बच्ची के बाल कटने की घटना सामने आई है।