पुलिस ने सोमवार को 42 लाख की जाली करेंसी समेत पकड़े गए आरोपी के जीरकपुर स्थित पाइन होम्स सोसायटी में दबिश दी। इस दौरान आरोपी के घर से 14 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई। बरामद सारे नोट 500 और 1000 के हैं। यह पुराने नोट हैं। पुलिस ने इन नोटों को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, आरोपी के कैश से पुलिस को एक कार्ड भी मिला है। यह कार्ड उन्हीं व्यक्तियों में से किसी एक का है। जिसके साथ आरोपी ने नोट बदलने के नाम पर ठगी की थी।
42 लाख नई करेंसी के बाद 14 लाख के पुराने नोट बरामद, जांच में बड़े खुलासे
पुलिस ने उक्त सारे धन को केस प्रॉपर्टी बना लिया है। पुलिस इसे जल्द कोर्ट में पेश करेगी। इसी बीच दोपहर बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने रिमांड लेने के लिए कोई दलील नहीं दी। इसके बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिक्रयोग है कि पुलिस ने 29 नवंबर को तीनों आरोपियों अभिनव वर्मा, उसकी कजिन विशाखा व सूरज नागपाल को जगतपुरा से पकड़ा था। वह हरियाणा नंबर वाली लाल बत्ती लगी ऑडी कार में जाली करेंसी लेकर जा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों को जब पकड़ा था उस समय बताया था कि उनके पास से 42 लाख की जाली करेंसी मिली है। जो दो-दो हजार के नोट थे। उक्त लोग तीस फीसदी रकम काटकर लोगों के पुराने नोट नए नोटों में बदलते थे।
चेक बुक जारी करें, मुलाजिमों को देनी है सैलरी- अदालत में आरोपी अभिनव के वकील नवीन सैनी ने कहा कि अभिनव की लाइव ब्रेल नाम से एक कंपनी है। इसमें कई मुलाजिम काम करते हैं। मुलाजिमों को बीते माह की सैलरी देनी है। ऐसे में उसके मनीमाजरा स्थित यस बैंक और चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एचडीएफसी बैंक की चेक बुक जारी कर दी जाए। अदालत ने मामले में अब तक अपना फैसला रिजर्व रखा है। साथ ही सात दिसंबर को पुलिस को इस मामले में जवाब देने को कहा गया है।