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मध्य प्रदेश

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मध्यप्रदेश : बंदूक की नोक पर स्कूल बस से तेल कारोबारी के जुड़वां बेटों का अपहरण

चित्रकूट के नयागांव थाना क्षेत्र स्थित एसपीएस स्कूल की बस में सवार यूकेजी के दो छात्रों का मंगलवार दोपहर नकाबपोश बदमाशों ने पिस्टल की नोक अगवा कर लिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। अगवा किए गए जुड़वां भाई ब्रजेश रावत के पुत्र हैं। बृजेश एक तेल व्यापारी हैं। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों बच्चे विद्यालय में अवकाश होने के बाद जैसे ही घर आने के लिए बस में चढ़ रहे थे तभी बाइक पर आए दो अज्ञात बदमाशों ने तमंचा दिखाकर दोनों को बाइक में जबरन बैठाया और ले गए। इनका परिवार यूपी के चित्रकूट जिला मुख्यालय के सीतापुर में रहता है। इस वारदात में साढ़े 5 लाख के इनामी अंतरराज्यीय गैंग सरगना बबुली कौल का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। 

चित्रकूट एसपी मनोज कुमार झा ने जिले की सीमा की नाकेबंदी कर सघन चेकिंग शुरू कराई। नयागांव मध्यप्रदेश थाना प्रभारी के पी त्रिपाठी ने जगह-जगह बच्चों की तलाश में चेकिंग अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार स्कूल से अपहृत बच्चों के नाम श्रेयांश और प्रियांश रावत है। दोनों की उम्र 5 साल है।

वहीं सतना एसपी ने संतोष सिंह गौर ने कहा कि यूपी पुलिस की मदद से बच्चों को सुरक्षित रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में युवकों की गतिविधियों से मालूम चलता है कि दोनों प्रोफेशनल किस्म के बदमाश हो सकते हैं। 

दिनदहाड़े हुई इस वारदात पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्ववीट कर लिखा, 'मुझे याद है, जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना था तब मैंने कहा था मध्यप्रदेश में या तो शिवराज रहेगा या तो फिर डाकू...।'
 
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डॉक्टर ने की ड्राइवर की हत्या, लाश का किया ये हाल

भोपाल में मिली महिला की सात महीने पुरानी लाश, घर का ताला लगाकर बेटा गायब

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक महिला की सात महीने पुरानी लाश मिली है। जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। ये लाश राजधानी के विद्या नगर सी-सेक्टर के पास स्थित बीडीए कॉम्प्लेक्स के फ्लैट में मिली है। लाश के बारे में पुलिस को रविवार को जानकारी मिली।

बताया जा रहा है कि लाश को रजाई से लपेटकर दीवान में कपड़ों से ढंककर रखा गया था। मामले की जानकारी मिलते ही इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मामले पर एसडीओपी दीशेष अग्रवाल ने बताया कि ये लाश विमला की है। विमला सड़क परिवहन निगम में कर्ल्क रह चुकी हैं। उनके पति का नाम बृजमोहन श्रीवास्तव था।

बेटा भी रहता था साथ

मृतक महिला के पड़ोसियों का कहना है कि विमला के साथ उनका 31 साल का बेटा अमित श्रीवास्तव भी रहता था। पड़ोसियों का कहना है कि वह 6 से 7 महीने से लापता है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये लाश भी 6 से 7 महीने पुरानी हो सकती है।

लाश के बारे में ऐसे मिली जानकारी

बीते कई महीनों से विमला के बारे में किसी को कुछ पता नहीं चला। रविवार को फ्लैट के वर्तमान मालिक रामवीर सिंह का बेटा धर्मेंद्र सिंह दो लेबर के साथ पजेशन के लिए पहुंचा था। धर्मेंद्र ने जब फ्लैट का ताला खोला तो वहां बदबू आ रही थी। तभी उनकी नजर हॉल में रखे दीवान पर पड़ी। जब उन्होंने दीवान को खोला तो उसमें कुछ कपड़े पड़े थे।   

जब इन लोगों ने कपड़े हटाकर देखा तो उन्हें रजाई में लिपटी लाश मिली। जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
 

पजेशन नहीं दे रहा था अमित

फ्लैट के मालिक रामवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने 2 जून, 2018 को एक बीएचके फ्लैट की रजिसट्री बीडीए से करवाई थी। इसके लिए रजिसट्री से 15 दिन पहले विमला की सहमति भी ली गई थी। छह लाख रुपये में फ्लैट का सौदा हुआ। इसमें से ढाई लाख रुपये अमित को बाकी के बीडीए को दिए गए। लेकिन अमित पजेशन नहीं दे रहा था। 

मामले पर रिश्तेदारों का कहना है कि विमला की दोनों किडनी खराब हो चुकी थीं। अमित अपनी मां के इलाज के लिए लोगों से पैसे मांगता रहता था। इसी कारण वो डिप्रेशन में चला गया था। ऐसे में माना जा रहा है कि ये लाश विमला की ही हो सकती है।
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हरियाणा: रोहतक पुलिस को 16 साल बाद मिली कामयाबी, चौहरा हत्याकांड के आरोपी तीन सगे भाई मध्यप्रदेश से गिरफ्तार

डेढ़ दशक पहले हरियाणा के रोहतक जिले के शिमली गांव में हुए चौहरा हत्याकांड के तीन आरोपियों को एसटीएफ ने मध्यप्रदेश के नीमच से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों सगे भाई बहादुर सिंह, सतपाल व धर्मपाल सीआरपीएफ में कार्यरत रहे हैं। बहादुर सिंह व सतपाल वारदात के समय रिटायर हो चुके थे, जबकि धर्मपाल ड्यूटी से गैर हाजिर हो गया था।

पुलिस ने तीनों भाइयों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। अब सदर थाना पुलिस शनिवार को उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 70 से 75 साल के बीच में है। 

एसटीएफ रोहतक के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरेश सहरावत ने बताया कि जून 2006 में दो पक्षों के बीच गांव में रंजिश चल रही थी। रंजिश के चलते गांव के बाहरी क्षेत्र में रह रहे परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। फायरिंग में तीन सगे भाइयों ठंडी, प्रेम, राजेश के अलावा काले की मौत हो गई। इस संबंध में सदर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

हत्याकांड में तीन सगे भाइयों की भूमिका सामने आई थी, जो वारदात से पहले परिवार सहित गांव छोड़कर चले गए थे। पुलिस ने आरोपी बहादुर सिंह, सतपाल व धर्मपाल की तलाश शुरू की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।

ऐसे में पुलिस ने आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया था। डीजीपी की तरफ से प्रदेश स्तर पर एसटीएफ को उन लोगों को गिरफ्तारी करने की जिम्मेदारी दी गई, जो लंबे समय से हाथ नहीं आ रहे थे। रोहतक एसटीएफ की टीम भी 2006 के शिमली हत्याकांड के आरोपियों की तलाश कर रही थी, जो अब हाथ आए हैं।

मध्यप्रदेश में 16 एकड़ में फार्म हाउस व दुग्ध डेयरी 
पुलिस के मुताबिक आरोपी बहादुर सिंह, सतपाल व धर्मपाल सीआरपीएफ में कार्यरत रहे हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान मध्यप्रदेश में आना-जाना रहा। ऐसे में वारदात के बाद मध्यप्रदेश के नीमच के पास 16 एकड़ के करीब जमीन खरीद ली। वहीं पर न केवल खेतीबाड़ी शुरू कर दी, बल्कि दुग्ध डेयरी भी खोल ली।

पेंशन के लिए नहीं किया आवेदन, गांव से संपर्क तोड़ा
पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने सीआरपीएफ से पेंशन के लिए भी आवेदन नहीं किया। क्योंकि अगर पेंशन के लिए आवेदन करते तो बैंक अकाउंट से लेकर दूसरी विस्तृत जानकारी देनी पड़ती। दूसरा, गांव से पूरी तरह नाता तोड़ दिया। अब किसी तरह पुलिस को भनक लगी कि तीनों आरोपी मध्यप्रदेश में रह रहे हैं। दबिश देकर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

कभी देखी ऐसी जासूसी? पत्नी ने थानेदार को प्रेमिका के संग रंगे-हाथों पकड़ा, जानें पूरा मामला

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक थानेदार को उसकी पत्नी ने फ्लैट में प्रेमिका के साथ रंगे-हाथों पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति की दो महीने से जासूसी कर रही थी। उसे सूचना मिली कि उसका पति ग्वालियर के मुरार स्थित एक फ्लैट में अपनी प्रेमिका के साथ है। इसके बाद पत्नी ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर पुलिसिया स्टाइल में थानेदार की घेराबंदी की और अचानक दबिश दे दी। थानेदार उसी तरह पकड़ा गया, जैसे वह किसी अपराधी को पकड़ते हैं। पति को पकड़ने के बाद महिला ने कहा कि पुलिस वाले की पत्नी होने के नाते उन्हें यह तरीका तो आता ही है।

मीटिंग की बात कह गया था पति

जानकारी के मुताबिक, सब इंस्पेक्टर सुनील की पत्नी कंचन बानोरिया ने कहा कि उनके पति का किसी महिला के साथ अफेयर चल रहा था। इसके बारे में उन्हें दो महीने पहले पता चला। तभी से वह अपने भाई और रिश्तेदारों की मदद से नजर रख रही थीं। गुरुवार को सुनील मीटिंग में जाने की बात कहकर घर से निकला था।

पत्नी ने ऐसे धर दबोचा

इसके बाद थानेदार की पत्नी कंचन ने उसके पीछे किसी को लगाया। पुलिस लाइन से उसने एक लड़की को साथ में लिया। उसके बाद वह अपने दोस्तों से मिलने चला गया। रात को वह युवती को लेकर फ्लैट पर पहुंचा। पत्नी ने बताया कि उसे इस बात की सूचना मिल चुकी थी। वह लोकेशन पर पहुंच गई। इसके बाद अपने भाई, पिता व रिश्तेदारों को एकजुट कर उसने थानेदार को उस लड़की के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया।

पति-पत्नी में हुआ समझौता

इस मामले में कंचन का कहना है कि अभी परिवार की सहमति से यह मामला शांत हो गया है। सुनील ने वादा किया है कि वह ऐसा नहीं करेंगे, इसलिए उनको माफ कर दिया है। अगर उसने फिर से ऐसा किया तो मैं जरा भी शांत नहीं रहूंगी। बता दें कि मुरैना के सबलगढ़ स्थित रामपुरा थाने के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सुनील बानोरिया गुरुवार को पुलिस लाइन के पास महिला आरक्षक को लेकर ग्वालियर के मुरार थाना के पास महालक्ष्मी फ्लैट में ठहरे थे। पत्नी ने शुक्रवार सुबह अपने रिश्तेदारों के साथ दबिश दी। पति कमरे में और महिला आरक्षक बाथरूम में छिपे मिले। इसके बाद थानेदार की पत्नी ने पुलिस को कॉल करके बुलाया। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ।
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एफसीआई में नौकरी का झांसा दे लूटे लाखों, 'बंटी-बबली' ने की एक करोड़ से ज्यादा की ठगी

इंदौर में एक प्रेमी युगल ने भारतीय फूड कॉर्पोरेशन में नौकरी दिलाने का वादा करके दो लोगों को ठग लिया। उन्होंने विभाग की अलग-अलग तरीके के प्रोसेसिंग बताकर पीड़ितों से 40 लाख रुपये वसूल लिए। साथ ही, उन्हें नौकरी के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया l जब उन लोगों की नौकरी नहीं लगी तो फरियादियों ने पुलिस स्टेशन मे शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लसुडिया पुलिस ने कबीटखेड़ी में रहने वाले आशुतोष ओझा और बेलमोंट पार्क निवासी उसकी प्रेमिका श्वेता जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। बंटी-बबली की इस जोड़ी के खिलाफ शाजापुर की सीमा पति जीवन गुर्जर, नई जीवन फेर में रहने वाले हीरा और शिवाजी नगर में रहने वाले प्रीतम ने केस दर्ज कराया है। तीनों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें एक साल पहले एफसीआई में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 40 लाख रुपये ठग लिए।

ऐसे अंजाम दी वारदात

जानकारी के मुताबिक, प्रेमी-प्रेमिका ने नौकरी के लिए सीमा गुर्जर से 27.20 लाख, हीरा सिंह से 5 लाख और प्रीतम ने 8.50 लाख रुपये ले लिए। दोनों ठग कई दिनों उन्हें नौकरी के नाम पर टालते रहे। जब तीनों ने नौकरी के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने उन्हें एफसीआई का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया और जॉइनिंग के लिए कह दिया। जब तीनों पीड़ित जॉइनिंग के लिए ऑफिस पहुंचे तो उन्हें ठगी की जानकारी हुई।

पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं दोनों ठग

बताया जा रहा है कि आशुतोष ओझा और उसकी प्रेमिका श्वेता ओझा के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है। यह शिकायत तीन महीने पहले 25 साल के एमआर मनीष पंचोली ने की थी। श्वेता और मनीष दोनों एक साथ पढ़े हैं। श्वेता ने 2016 में एक निजी कॉलेज से बी फार्मा का कोर्स किया। एक दिन उसकी मुलाकात मनीष से हुई। उसने मनीष को बताया कि उसकी शादी आशुतोष के साथ होने वाली है। उसने ज्वाइनिंग लेटर दिखाते हुए कहा आशुतोष ने उसकी जॉब एफसीआई में लगवा दी है। उसको वहां बहुत पैसा बहुत मिलता है और कार्यक्षेत्र रेसकोर्स के पास है। यह झांसा देकर श्वेता ने मनीष से 8.5 लाख रुपये ठग लिए। जब मनीष ने पुलिस से शिकायत की तो पता चला कि ये दोनों ठग अब तक करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं।
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नाबालिग से शादी कर रहा था युवक, पुलिस ने रोका तो दुल्हन की छोटी बहन का अपहरण कर भागा

मध्य प्रदेश के मुरैना में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। इससे नाराज़ होकर दूल्हे ने दुल्हन की छोटी बहन का अपहरण कर लिया। हालांकि, पुलिस ने अपहृत नाबालिग को ढूंढ लिया है। इस घटना में सहयोग करने वाली महिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जो दूल्हे की रिश्तेदार है। वहीं, आरोपी दूल्हा फरार बताया जा रहा है।

दलित नाबालिग की हो रही थी शादी

दरसअल, यह घटना मुरैना जिले के पोरसा थाना क्षेत्र का पास में गांव की है। जहां पर एक दलित नाबालिग की शादी हो रही थी। इस बात की सूचना मिलते ही, पुलिस और महिला बाल विकास विभाग सक्रिय हो गए और शादी में पहुंच गए। वहां पहुंची पुलिस ने लड़की के परिजनों को काफी देर तक समझाया। जब परिजन समझ गए तो लड़की को थाना लाया गया। पुलिस व प्रशासन ने लड़की का मेडिकल टेस्ट कराया और उसे वन स्टॉप सेंटर में भर्ती करा दिया। हालांकि, इस जद्दोजहद के बीच दूल्हे ने नाबालिग लड़की की मांग सिंदूर से भर दिया।

शादी रुकी तो कर लिया छोटी बहन का अपहरण

शादी रुकने से दूल्हा अपनी महिला रिश्तेदार के साथ लड़की वालों के घर पहुंचा और नाबालिग लड़की की छोटी बहन को शादी के लिए जबरदस्ती ले गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन ने तलाशी अभियान चलाकर अपहृत लड़की को ढूंढ लिया। इस घटना को अंजाम देने में दूल्हे की मदद करने वाली महिला रिश्तेदार को भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने नाबालिग बालिका के पिता की शिकायत पर अपहरण और बाल विवाह अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि दूल्हा फरार चल रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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आगरा: सैंया में चल रहा था समानांतर आरटीओ, विजिलेंस ने 11 जालसाज किए गिरफ्तार

सांकेतिक तस्वीर
आगरा के सैंया में राजस्थान सीमा के टोल नाका पर समानांतर आरटीओ दफ्तर चलाया जा रहा था। यहां परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश ऑनलाइन टैक्स का बोर्ड लगाकर राजस्थान से अवैध खनन कर बालू और गिट्टी लाने वाले वाहनों के फर्जी कागजात तैयार किए जा रहे थे। 

उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान और पुलिस की टीम ने गुरुवार तड़के छापा मारकर फर्जीवाड़े के खेल का पर्दाफाश किया। 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि नौ फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। न तो थाना पुलिस, न ही परिवहन और खनन विभाग कोई कार्रवाई कर रहा था। 


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राजस्थान से खनन करके बालू, मोरंग और गिट्टी उत्तर प्रदेश के जिलों में लाई जाती है। बड़ी मात्रा में बिना रॉयल्टी और टैक्स अदा किए राजस्थान से माल आता है। एसएसपी बबलू कुमार को सैंया टोल पर फर्जी परिवहन विभाग कार्यालय खुला होने की जानकारी मिली। इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान में भी की गई थी। 
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मुरैना से 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, हरियाणा की सीआईए टीम को मिली बड़ी सफलता

हत्या, लूट, डकैती, हत्या प्रयास जैसे संगीन मामलों में पुलिस के अति वांछित इनामी खूंखार बदमाश संजय को सीआईए भिवानी की टीम ने चंबल घाटी के बीहड़ों से कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया है। पिछले चार साल से भिवानी व राजस्थान पुलिस को चकमा देकर चंबल घाटी के बीहड़ों में छिपे बदमाश के ठिकाने का राज उसी के साथी मनीष उर्फ मुंशी ने पुलिस के सामने खोला। सीआईए टीम ने मनीष को साथ लेकर ही चंबल घाटी के बीहड़ों में उसके ठिकाने पर पहुंचकर उसे धर दबोचा। 

डीएसपी हेडक्वार्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सीआईए थाना इंचार्ज योगेश कुमार की टीम ने बहल निवासी संजय को मुरैना (मध्य प्रदेश) स्थित चंबल के बीहड़ों से गिरफ्तार किया है। संजय पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन अपराधों के चलते बहल, लोहारू थाने में केस दर्ज हैं। 


संजय राजस्थान पुलिस का भी भगोड़ा आरोपी है। आरोपी ने हमीरवार थाना क्षेत्र में गोली मारकर एक हत्या कर दी थी। जिस पर वर्ष 2017 में पांच हजार का इनाम रखा गया था। भिवानी पुलिस ने हत्या के प्रयास के दो मामलों में वर्ष 2019 में 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। बदमाश संजय पर सात केस दर्ज हैं।
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भोपाल यौन शोषण मामला: खुद को कहलवाता था अब्बू, ऐसे बच्चियों को फंसाता था जाल में

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन की नाक के नीचे नाबालिग लड़कियों के शोषण का पूरा रैकेट फलफूल रहा था। मगर किसी को कोई भनक नहीं लगी। खासतौर से नाबालिगों को जाल में फंसाया जाता और फिर उन्हें रसूखदारों के सामने नोंचने के लिए छोड़ दिया जाता। 68 साल का मुख्य आरोपी प्यारे मियां फरार है, जो कि खुद को एक अखबार का मालिक बताता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे अभी से होने लगे हैं। वहीं आष्टा से प्यारे मियां की पजेरो गाड़ी बरामद हुई है जो एक खेत में छुपाकर रखी गई थी। 

रसूखदारों की पार्टी में करता था पेश 
पुलिस के मुताबिक प्यारे मियां नाम के इस शख्स के कई रसूखदार लोगों से संपर्क थे। वह 14 से 16 साल की बच्चियों को अपने जाल में फंसाता और उन्हें रईस लोगों की पार्टी में पेश करता था। इससे पहले वह खुद भी इन नाबालिग बच्चियों के साथ हैवानियत करता। पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा नाबालिगों को इसके चंगुल से छुड़ा लिया है। हालांकि प्यारे मियां अभी फरार है और उसका पता बताने वाले 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। 

व्यापारी, उद्योगपतियों की उड़ी नींद
जैसे ही यह मामला सामने आया है, तभी से भोपाल के कई बड़े व्यापारी, उद्योगपतियों और बिल्डरों की नींद उड़ गई है। जानकारी के मुताबिक ये लोग लगातार प्यारे मियां के साथ उसके फ्लैट के फॉर्महाउस पर पार्टियां करते थे। माना जा रहा है कि जांच की गहराइयों में जाने पर इसके तार कई बड़े नामों से जुड़ सकते हैं। यहां तक कि यह चर्चित हनी ट्रैप से भी बड़ा कांड साबित हो सकता है। 
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दागदार रहा है प्यारे मियां का दामन, 18 साल पहले भी हुई थी कार्रवाई

भोपाल पुलिस ने जिस प्यारे मियां को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया है, उसका दामन और इतिहास दोनों ही दागदार है। फिलहाल उसे कई नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वो पिछले कई दिनों से फरार था और भोपाल पुलिस उसके हर संभावित ठिकाने पर छापामारी कर रही थी। हालांकि श्रीनगर से गिरफ्तारी पर यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस की सख्ती के बावजूद वो राज्य से बाहर कैसे निकल गया। श्रीनगर तक पहुंचने में कैसे सफल हो गया? 

बहरहाल, मध्यप्रदेश पुलिस ने प्यारे के भोपाल और इंदौर स्थित ठिकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। भोपाल में उसका मैरिज हॉल भी ढहा दिया गया है। लेकिन यह सब काफी देर से हुई कार्रवाई है। राज्य शासन ने उसे आवंटित सरकारी बंगला भी खाली करवा लिया, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि उसे सरकारी आवास आवंटित ही कैसे हुआ था। जबकि साल 2002 में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उससे काफी जद्दोजहद के बाद अपना एक वीआईपी परिसर खाली करवाया था।




प्यारे मियां लगभग 5000 वर्गफीट क्षेत्र में बने विधायक विश्राम गृह के दो भवनों में रह रहा था और कई बार नोटिस देने के बावजूद उसे खाली नहीं कर रहा था। यह परिसर उसे तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा साल 1990 में एक वर्कशॉप संचालित करने के लिए अस्थायी रूप से आवंटित किया गया था। लेकिन उसने इस भवन को अपना आलीशान घर बना लिया था। सबसे पहले उसने यहां एक अंग्रेजी अखबार के दफ्तर का बोर्ड लगाया और बाद में दैनिक अफकार नाम के अखबार का बोर्ड टांग लिया। लेकिन यहां उसकी दो पत्नियां और उनके बच्चे रहते थे।

नोटिस के जवाब में अदालत की शरण
विधानसभा सचिवालय ने जब प्यारे मियां को परिसर खाली करने का नोटिस भेजा तो उसने अदालत की शरण ली। हालांकि अदालत ने उसकी याचिका को खारिज करते हुए परिसर खाली करने का आदेश दिया। लेकिन सत्ता शीर्ष तक पहुंच की वजह से सचिवालय को यह परिसर खाली कराने में काफी वक्त लग गया।

अंतत: तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष और सदस्य सुविधा शाखा ने मामले को गंभीरता से लिया और विधानसभा के सुरक्षा विभाग (मार्शल) तथा पुलिस के साझा ऑपरेशन से परिसर को खाली करवाया गया। इस दौरान परिसर से लगभग 40 पेटी विदेशी शराब तथा आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे। परिसर खाली करवाने की यह कार्रवाई सुबह पांच बजे अंजाम दी गई थी। हालांकि इस कार्रवाई को मीडिया में तवज्जो नहीं दी गई और बात आई-गई हो गई।

इसके कुछ ही वर्ष बाद प्यारे मियां को पुराना भोपाल इलाके में एक बंगला आवंटित कर दिया गया था, जिसे खाली करने का आदेश हाल ही में राज्य सरकार ने जारी किया है। जिस परिसर पर प्यारे ने पत्रकार और अखबार के नाम पर कब्जा किया था, वो वीआईपी क्षेत्र की बेशकीमती सरकारी जमीन है। यह भोपाल के मुख्य बाजार न्यू मार्केट, राजभवन, बिड़ला मंदिर, विधानसभा और मंत्रालय के बीचों बीच स्थित है।
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मध्यप्रदेश: लूट के आरोप में सेनाकर्मी सहित चार गिरफ्तार

जबलपुर पुलिस ने शहर के मधोताल इलाके में एक व्यक्ति को लूटने के आरोप में एक सैन्यकर्मी और एक नाबालिग सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मधोताल पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिल गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि सैन्यकर्मी अमित रायकवार को उसके तीन साथियों के साथ लूट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी के अलावा समित रायकवार (24) राकेश बर्मन (21) और 17 वर्षीय एक लड़के के गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने शिकायतकर्ता जयराम साहू के हवाले से बताया कि लूटने वाले लोगों में से एक व्यक्ति ने सेना की वर्दी पहन रखी थी। इस जानकारी के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गुप्ता ने बताया कि सेना के जवान का विवरण जांचने के बाद पता चला है कि वर्तमान में वह हिसार, हरियाणा में पदस्थ है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से साहू से लूटा गया हैंडबैग, एक चाकू, लाठियां और दो बाइक बरामद की गईं हैं। गुप्ता ने बताया कि आरोपियों को भादवि की धारा 392 लूट तथा आर्म्स एक्ट की संबद्ध धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
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